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तैराकों के लिए ख्यात है ये गांव, अब यहां बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा स्वीमिंग पूल

भिलाई। दुर्ग जिले का गांव पुरई अब एक बार फिर चर्चा में है। जिला ही नहीं प्रदेश और देश में खेल ग्राम के नाम से विख्यात पुरई में तरणताल का निर्माण किया जा रहा है। राष्ट्रीय तैराकों के इस गांव में अब अंतरराष्ट्रीय मानक का स्वीमिंग पूल बनने जा रहा है। पुरई का यह तरणताल प्रदेश का सबसे बड़ा स्वीमिंग पूल होगा। स्वीमिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक से कहीं बड़ा 60 गुणा 40 का पूल बन रहा है, जिसे जानकार अंतरराष्ट्रीय मानक से कहीं ज्यादा बेहतर मान रहे हैं।

दरअसल इस खेल ग्राम में अब भी सैकड़ों बच्चों में तैराकी का हुनर है। कई अभ्यासरत हैं तो कई जानकारी के अभाव या अन्य कारणों से पूल से दूर हैं। इस गांव से भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के लिए चयनित 12 तैराकों के साथ 40 अन्य राष्ट्रीय तैराक दुर्ग के साथ प्रदेश का नाम रौशन कर रहे हैं। अब अंतरराष्ट्रीय मानक का स्वीमिंग पूल होने से सैकड़ों अभ्यासरत तैराकों की प्रतिभा में और निखार आएगा।

हालांकि यह तरणताल सर्वसुविधायुक्त नहीं है, लेकिन इसे स्वीमिंग पूल का ही आकार दिया जा रहा है। मनरेगा के तहत तरणताल की खोदाई का काम किया गया है। चारो तरफ कांक्रीट व पत्थर की दीवार भी बना दी गई है। तैराक ओम ओझा बताते हैं कि बरसात के बाद आगे का काम होने की बातें कही जा रही है। पूल के पूरा हो जाने से पुरई को एक और पहचान भी मिलेगी।

नईदुनिया-जागरण हमेशा रहा सारथी

‘नईदुनिया-दैनिक जागरण’ ने दुर्ग जिले के पुरई गांव के तालाब में तैराने वाले बच्चों के टैलेंट को राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित कर सबका ध्यान खींचा। इसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण ने इनकी सुध ली। सिलेक्शन ट्रायल गांव के तालाब में लिया। 35 बच्चों को एक माह की ट्रेनिंग रायपुर अंतरराष्ट्रीय स्वीमिंग पुल में साई ने दी।

इसके बाद खेल विभाग ने भी एक माह ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी उठाई। 35 बच्चों की सूची भारतीय खेल प्राधिकरण नई दिल्ली भेजी गई। वहां से खेलो इंडिया के तहत 12 बच्चों का चयन गांधीनगर स्वीमिंग अकादमी के लिए किया गया।

बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा साई उठा रहा है। गांव के रहने वाले और राष्ट्रीय कोच ओम ओझा ने भी माना की नईदुनिया-जागरण अगर हमारे साथ नहीं होता तो ना ही यहां पूल आकार ले पाता और ना ही गांव के 12 बच्चों को साई में दाखिला मिल पाता।

अंतरराष्ट्रीय मानक से ज्यादा बड़ा है

– ‘अब तक दुर्ग जिले में एक भी अच्छा सरकारी पूल नहीं है। यहां तैराकों की कमी नहीं है। वहीं पुरई गांव में बन रहा स्वीमिंग अंतरराष्ट्रीय मानक से बड़ा होगा। क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार 50 बाई 25 का पूल होता है। पुरई का पूल 60 बाई 40 का बनने जा रहा है। – सहीराम जाखड़, महासचिव, छत्तीसगढ़ प्रदेश तैराकी संघ

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