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कूर्म द्वादशी: आज इस वस्तु को घर लाने से लक्ष्मी कभी नहीं छोड़ेगी आपका बसेरा

आज मंगलवार, पौष माह के शक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। इस दिन कूर्म द्वादशी पर्व मनाया जाता है। सनातन धर्म में कछुए को कूर्म अवतार अर्थात भगवान विष्णु का कच्छप रूप कहते हैं। फेंगशुई में भी कछुआ मंगलसूचक माना गया है। कछुआ भगवान विष्णु का दूसरा अवतार है। पद्म पुराण के अनुसार भगवान विष्णु समुद्र मंथन के समय मंद्रांचल पर्वत का आधार बने थे। सनातन धर्म में इन्हें घर में विराजित करना और उनकी पूजा-अर्चना करना बहुत शुभ माना गया है। मान्यता है जहां कछुआ होता है, वहां देवी लक्ष्मी हमेशा अपना बसेरा बना कर रहती हैं। आज कूर्म द्वादशी के शुभ अवसर पर आप भी अपने घर ले आएं भगवान विष्णु का प्रतीक कुर्म यानि कछुआ। इसे घर में लाने से आपकी धन-दौलत से संबंधित सभी समस्याएं कुछ ही दिनों में हल होने लगेंगी। 

वास्तु विद्वानों के अनुसार इसे सजाएं, जानें कैसे 

सुख-शांति के लिए घर के उत्तरी भाग में धातु से बने कछुए की प्रतिमा रखें, इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह कम होता है।

धन का प्रवाह बनाए रखने के लिए वर्क प्लेस या घर की उत्तर दिशा में कूर्म यंत्र को रखें।

कछुआ बेडरूम में न रखें अन्यथा ये नकारात्मक प्रभाव देने लगेगा। ड्राईंग रूम में रखने से पारिवारिक सदस्यों में कभी अनबन नहीं होती। प्रेम और सौहार्द की भावना भी बनी रहती है।

बेऔलाद दंपत्ति अपने घर में ऐसा कछुआ रखें जिसकी पीठ पर बच्चे कछुए भी हों, उसे प्रजनन का प्रतीक कहा जाता है। ऐसा करने से जल्दी ही उन्हें माता-पिता बनने के सौभाग्य मिलेगा।

दुकान या वर्क प्लेस पर चांदी का कछुआ रखने से धन आने के नए-नए जरिए बनने लगते हैं।

जिस घर-परिवार में कछुआ होता है, वहां किसी की बुरी नज़र का साया नहीं पड़ता।

करियर में मनचाही सफलता प्राप्त करने के लिए काले रंग के कछुए को उत्तर दिशा में रखें।

अगर करियर में खूब तरक्की चाहते हैं तो काले रंग के कछुए को उत्तर दिशा में रखें।

घर को सुरक्षित रखने के लिए मुख्य द्वार की पश्चिम दिशा में कछुआ रखें।

क्रिस्टल से बना कछुआ दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में रखें।

लकड़ी का कछुआ पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में रखें।

मिट्टी का बना कछुआ उत्तर-पूर्व दिशा, मध्य या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए।

धातु के कछुए को उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा में रखें लेकिन मिश्रित धातु के कछुए को उत्तर दिशा में सजाएं।

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