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भाजपा-शिवसेना गठबंधन नहीं होगा कारगर

मुम्बई: कांग्रेस की मानें तो महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा का गठबंधन ज्यादा कारगर सिद्ध नहीं होगा। इसके पीछे वजह कांग्रेसी यह बता रहे हैं कि 5 साल तक शिवसेना प्रमुख मोदी के खिलाफ जहर उगलते रहे जिसका असर चुनावों पर पड़ेगा। वहीं कांग्रेस का मानना है कि कांग्रेस और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच वैचारिक मतभेद हैं इसलिए एम.एन.एस. को महाराष्ट्र के महागठबंधन में शामिल करना मुश्किल है।

हालांकि चर्चा है कि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के राज्य में बन रहे महागठबंधन में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को भी जगह मिल सकती है। ऐसी चर्चा कई दिनों से राजनीतिक गलियारों में हो रही थी मगर कांग्रेस द्वारा मनसे के ऊपर अपना रुख साफ कर देने के बाद राज ठाकरे के महागठबंधन में शामिल होने पर ब्रेक लग गया है। कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने इस बारे में अपनी भूमिका स्पष्ट की और कहा कि कांग्रेस और मनसे के बीच वैचारिक मतभेद हैं इसलिए ऐसी पार्टी के साथ गठबंधन करना मुश्किल है।

उत्तर भारतीय मतदाता नाराज न हों इसलिए मनसे को गठबंधन में जगह नहीं 
मनसे को महागठबंधन में शामिल करने के बाद मुम्बई में उत्तर भारतीय मतदाताओं की नाराजगी न उठानी पड़े, इस वजह से कांग्रेस ने मनसे के साथ गठबंधन से इन्कार कर दिया है, ऐसा राजकीय विश्लेषकों का कहना है। मुम्बई में बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय मतदाता हैं उनको नाराज करने का रिस्क कांग्रेस उठाना नहीं चाहती इसलिए उन्होंने मनसे को महागठबंधन में शामिल करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया।

2 सप्ताह पहले राकांपा नेता अजीत पवार और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने मुम्बई में अपने एक कॉमन फ्रैंड के यहां मुलाकात की थी। उसी दिन से मनसे के महागठबंधन में शामिल होने की चर्चा शुरू हो गई थी। इस पर मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा था कि देश में मोदी सरकार को केंद्र से हटाना है। यह एक प्रमुख एजैंडा है। इस वजह से राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ गठबंधन हो सकता है।

महागठबंधन में अंबेदकर का इंतजार
भारिप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश अंबेदकर की वंचित बहुजन गठबंधन अभी भी महागठबंधन में शामिल हो सकती है। ऐसी उम्मीद अशोक चव्हाण ने व्यक्त की। भाजपा का पराभव करना हमारा उद्देश्य है इसलिए मत विभाजन रोकने के लिए वंचित बहुजन गठबंधन को महागठबंधन में शामिल होना चाहिए।

मुम्बई सीटों को लेकर कांग्रेसियों में घमासान
महाराष्ट्र की राजधानी मुम्बई में 6 लोकसभा सीटें हैं। इनमें से महत्वपूर्ण सीटों पर प्रत्याशी बनने को लेकर कांग्रेसी नेताओं में घमासान मचा हुआ है। पार्टी के प्यारे होने के कारण मुसलमान नेता अलग ही तेवर दिखा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इसमें से कांग्रेस के 2 विधायक नसीम खान और बाबा सिद्दीकी ने तो अभिनेता व केन्द्रीय मंत्री रहे स्व. सुनील दत्त की बेटी व पूर्व सांसद प्रिया दत्त को फिर से हरवाने की धमकी दे दी है।

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