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राजस्व विभाग के अमले पर अतिक्रमण हटाने के दौरान कब्जेदारों ने किया प्राणघातक हमला ।राजस्व विभाग के अमले पर अतिक्रमण हटाने के दौरान कब्जेदारों ने किया प्राणघातक हमला

पीड़ित ग्राम कोटवार ने विधायक के द्वारा दी धमकी को लेकर प्रशासन से मांगी जान माल की सुरक्षा ।

राष्ट्र चंडिका नरसिंहपुर (अमर नोरिया )- तहसील मुख्यालय नरसिंहपुर के सगोनी ग्राम में वर्षों से शासकीय भूमि पर कब्जा कर खेती कर रहे ग्रामीणों के खिलाफ राजस्व विभाग द्वारा कार्यवाही किए जाने के दौरान राजस्व अमले पर किए गए ग्रामीणों के हमले में पटवारी सुभाष कोरी व भृत्य अमित राजपूत बुरी तरह घायल हो गए हैं पटवारी सुभाष कोरी को तो प्राथमिक चिकित्सा के बाद गंभीर हालत होने की दशा में जबलपुर रेफर कर दिया गया है । गौरतलब है कि नरसिंहपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम सागोनी में सैकड़ों एकड़ शासकीय भूमि पर ग्रामीणों द्वारा गन्ना चना गेहूं सहित अन्य फसलों को लगाकर अपना कब्जा किया हुआ था इस बात की शिकायत  के आधार पर से जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही की जा रही थी । उस कार्यवाही के दौरान ग्रामीणों ने मौके पर नरसिंहपुर विधायक जालम सिंह पटेल को सूचना देकर बुलाया और उनके आने पर कार्यवाही कर रहे राजस्व विभाग के अमले पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया । इस घटनाक्रम के बाद पूरे मामले को लेकर एक और जहां नरसिंहपुर विधायक जालम सिंह पटेल इसे राजनीतिक बदले की कार्यवाही बता रहे हैं तो दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी रहे लाखन सिंह पटेल इस पूरे विवाद के पीछे विधायक जालम सिंह पटेल के द्वारा ग्रामीण जनता को उकसाने की बात कह रहे हैं ।  इस पूरे घटना क्रम में नरसिंहपुर विधायक जालम सिंह पटैल सहित अन्य 11 लोगो के खिलाफ एससी एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है । इस मामले में पीड़ित ग्राम कोटवार लोचन मेहरा ने भी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर के नाम एक आवेदन सौंपकर नरसिंहपुर विधायक जालम सिंह द्वारा की गई गाली गलौज और जान से मारने की धमकी को लेकर अपने आप को जान माल की सुरक्षा हेतु शासन एवं प्रशासन से सुरक्षा प्रदान किये जाने की मांग की है । गौरतलब है कि इस पूरे प्रकरण में राजनीति गरमाने के बाद इस घटनाक्रम को लेकर नरसिंहपुर विधायक जालम सिंह पटेल के समर्थकों ने सगोनी ग्राम में भारी संख्या में एकत्रित होकर इस पूरे मामले में दर्ज प्रकरण में शामिल नामों   को हटाने को लेकर एक आम सभा भी आयोजित की गई । एक ओर जहां प्रशासन पूर्ण निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान होने की बातें कर आदर्श आचार संहिता लागू कर रहा है तो दूसरी ओर सगोनी ग्राम में जिला प्रशासन और तहसील न्यायालय के आदेश को तामील कराने के बाद ग्रामीणों द्वारा जिस तरह से शासकीय कर्मचारियों को अपने कर्तव्य पालन के दौरान कार्य करने से रोका और उनके साथ मारपीट की उसके बाद उसी स्थान पर जब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की शिकायत पर कार्रवाई कर मामला पंजीबद्ध किया गया तो वह एक बड़ी सभा आयोजित कर इस मामले को राजनीतिक रूप से रंग देने का प्रयास कर रहा है तो अपने आप में यह बात पर सवाल उठाए जा सकते हैं कि जिला प्रशासन किस प्रकार से इस पूरे मामले को लेकर जिले में शांति और निष्पक्षता पूर्ण चुनाव कराए जाने की वकालत कर रहा है । वहीं इस मामले में  वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा की जा रही कार्रवाई पर भी साधे शब्दों में प्रतिक्रिया दी जा रही है ।

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