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रोहनाकला से राजभवन तक, ऐसा है अनुसुइया उइके का सफर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल बनाई गईं उइके का जन्म छिंदवाड़ा जिले के ग्राम रोहनाकला में 10 अप्रैल 1957 को हुआ था। अर्थशास्त्र में एमए के बाद एलएलबी की डिग्री हासिल की। 1982 से 85 तक छिदंवाड़ा के तामिया कॉलेज में व्याख्यता रहीं। 1985 में ही भाजपा ने दमुआ विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया। उइके 1990 तक विधायक रहीं। इस दौरान 1988 से 1989 तक महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री रहीं।

1998 से 99 तक भूमि विकास बैंक छिंदवाड़ा की प्रभारी अध्यक्ष रहीं। जनवरी 2006 से मार्च 2006 तक एमपी अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष रहीं। 2000 से 2003 और 2003 से 2005 तक राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रहीं। 2006 से 2012 तक राज्यसभा की सदस्य रहीं।

1982 में भारत युवक समाज छिंदवाड़ा की जिला अध्यक्ष चुनी गईं। 1984 में आदिवासी विकास परिषद छिंदवाड़ा की अध्यक्ष बनीं। 1971 से 81 तक छात्रसंघ की उपाध्यक्ष व सचिव रहीं। 1993 में भाजपा के राष्ट्रीय परिषद की सदस्य बनीं। 1994 से 95 तक राष्ट्रीय महिला मोर्च की कार्यकारिणी सदस्य रहीं। इसके बाद आदिवासी मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनीं। भाजपा की प्रदेश महामंत्री भी रहीं हैं।

छत्तीसगढ़ के अब तक के पूर्णकालिक राज्यपाल

दिनेश नंदन सहाय 1 नवंबर 2000 से 1 जून 2003

केएम सेठ 2 जून 2003 से 25 जनवरी 2007

सुशील कुमार शिंदे (कार्यवाहक) 28 जुलाई 2005 से 2 अक्टूबर 2005

ईएसएल नरसिम्हन 25 जनवरी 2007 से 23 जनवरी 2010

शेखर दत्त 23 जनवरी 2010 से 19 जून 2014

रामनरेश यादव (प्रभारी) 19 जून 2014 से 14 जुलाई 2014

बलरामदास टंडन 18 जुलाई 2014 से 14 अगस्त 2014

अनंदी बेन पटेल 15 अगस्त 2018 से अब तक

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