Breaking News
Home / सिवनी / आवारा कुत्तों के आतंक से शहर त्रस्त

आवारा कुत्तों के आतंक से शहर त्रस्त

कुत्तों की आबादी शहर में इस तादाद में बढ़ रही है कि वो शहर के रहवासियों के लिए ही खतरा बनती जा रही है। कुत्तों को देखकर लोग सहम जाते है। रात में तो मानों सड़कों के राजा कुत्ते ही हो। कुत्तों के आतंक के कारण लोगो का सडक पर चलना मुश्किल साबित होता है। पूरे शहर में कुत्तों ने आंतक मचा रखा है।

 राष्ट्र चंडिका सिवनी। यूं तो कुत्ते को सबसे वफादार जानवर माना जाता है, लेकिन अगर यह वफादारी भूल जाए तो जानलेवा हो सकता है। हम बात कर रहे हैं कुत्ते के काटने से होने वाली बीमारी रेबीज की। सबसे ज्यादा मुसीबत का सबब बने हुए हैं स्ट्रीट-डॉग यानी आवारा कुत्ते। बात सिवनी की करें तो यहां ऐसी कोई गली और मोहल्ला नहीं, जहां आवारा कुत्तों का आतंक न हो। शाम ढलने के बाद शहर के गली-मोहल्लों में पैदल या दुपहिया पर निकलना खतरे से खाली नहीं। दोपहर में भी ये कुत्ते बच्चों को निशाना बनाने से नहीं चूकते। शिकायतों के बावजूद नगर पालिका  इन पर कार्रवाई नहीं कर रहा। न तो कुत्तों की नसबंदी हो रही है, न ही इन्हें कहीं छोड़ा जा रहा। शहर के विभिन्न सड़कों और मोहल्लों में इन कुत्तों का खौफ इस कदर छाया हुआ है कि लोग रात तो रात दिन में भी इनके झुंड को देखकर रास्ता बदल लेने में ही गनीमत समझते हैं।  कुत्तो के आतंक से स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को सबसे अधिक खतरा है। बच्चों को देखकर ये कुत्ते दौड़ा लेते हैं। जबकि बुधवारी  बाजार, बस स्टेड, मठ मंदिर मैदान में   ये कुत्तो  कब्जा किए रहते हैं और देर रात लोगों को देखते ही गुर्राने लगते हैं इस दौरान अगर आपने भागने की कोशिश की तो वह काट भी लेंगे।

About Akhilesh Dubey

Check Also

कृषि क्षेत्र में नई क्रांति की आवश्यकता- मुख्यमंत्री श्री नाथ

 मुख्यमंत्री द्वारा नरसिंहपुर में 70 करोड़ रूपये लागत से अधिक के विकास कार्यों का किया …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *