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कैसे सावन में महादेव देंगे पारिवारिक झगड़ों से छुटकारा

रविवार दिनांक 05.8.18 को श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि पर चंद्रमा के कृतिका नक्षत्र में गोचर करने के उपलक्ष्य में श्रावण कार्तिगई दीपम पर्व मनाया जाएगा। हर महीने मनाया जाने वाला कार्तिगई दीपम पर्व दक्षिणी संस्कृति का सबसे प्राचीन पर्व माना जाता है। कार्तिगई दीपम पर्व की उत्पत्ति का मूल सूर्य का नक्षत्र कृतिका है। ज्योतिषशास्त्र में अग्निदेव को कृतिका नक्षत्र के प्रतीक चिन्ह के रुप में चित्रित किया गया है। अतः यह नक्षत्र अपने स्वभाव में अग्नि और गुस्से को दर्शाता है।

कृत्तिका नक्षत्र को पौराणिक अनुश्रुतियों में दक्ष की पुत्री, चंद्रमा की पत्नी और कार्तिकेय की धातृ कहा गया है। कृत्तिका नाम पर ही कार्तिकेय नाम पड़ा है। इस नक्षत्र के देवता सूर्य को माना जाता है तथा इसके राशि स्वामी शुक्र हैं। कृत्तिका नक्षत्र में अग्नि का व्रत और पूजन किया जाता है। प्रथम वेद अर्थात ऋग्वेद में प्रथम शब्द अग्नि ही प्राप्त होता है। ऐतरेय ब्राह्मण आदि ग्रन्थों में यह स्पष्ट कहा गया है कि देवताओं में प्रथम स्थान अग्नि का है। कार्तिकेय को अग्निदेव का अंश माना गया है। भारतीय ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कृत्तिका नक्षत्र सत्ताइस नक्षत्रों में यह तीसरा नक्षत्र है। इस नक्षत्र में छह तारे हैं, जो संयुक्त रूप से अग्निशिखा के आकार के हैं। गूलर के वृक्ष को कृतिका नक्षत्र का प्रतीक माना जाता है। हर माह में जब भी चंद्रमा कृतिका नक्षत्र में विचरण करते हैं तब मासिक कार्तिगई दीपम पर्व मनाया जाता है।

पौराणिक मान्यतानुसार परमेश्वर शिव ने भगवान विष्णु व ब्रह्मदेव को अपनी सर्वोच्चता सिद्ध करने हेतु प्रकाश की एक अंतहीन अग्नि को लौ (अर्थात महादीपम) के रूप में खुद को परिवर्तित कर लिया था। कार्तिगई दीपम पर्व के उपलक्ष्य में संध्या के समय तेल के दीपों की पंक्तियां घर, गलियों और शिवालय में सजाई जाती हैं। शिवलिंग के समीप तेल के 3 दीपक जलाकर उनसे प्रार्थना की जाती है। कार्तिगई दीपम पर्व के विशेष पूजन से पारिवारिक झगड़ों से छुटकारा मिलता है, दांपत्य कलह से मुक्ति मिलती है व विवाद मिटाकर संसार सुखी होता है।स्पेशल

पूजन विधि: संध्या के समय शिवालय जाकर शिवलिंग का षोडशोपचार पूजन करें। इत्र, सिंदूर, धतूरा, लाल फूल, दूध, शहद, घी, शक्कर, गुड, दहि, मिष्ठान, यज्ञोपवीत आदि समर्पित करें। तेल के 3 दीपक जलाएं, गुग्गल की अगरबत्ती जलाएं, लाल कनेर का फूल चढ़ाएं, लाल चंदन चढ़ाएं, गुड़ वाले चावल का भोग लगाएं तथा इस विशेष मंत्र का 1 माला जाप करें। पूजन के बाद भोग सभी में वितरित करें।

स्पेशल मंत्र: ह्रीं अलोकाय नमः शिवाय ह्रीं॥
स्पेशल मुहूर्त: शाम 19:40 – 20:40

शुभ मुहूर्त: 
अगर आज आप किसी को प्रपोज़ कर रहे हैं या किसी खास से अपना दिल का हाल बयां करना चाहते हैं तो इसके लिये बेस्ट टाइम है- 07:28- 09:08

अगर आज आप कोई टू व्हीलर या फोर व्हीलर गाड़ी खरीदना चाहते हैं, तो वाहन खरीदने के लिए बेस्ट टाइम रहेगा- 09:08-10:47

आज आप कोई नया कंस्ट्रक्शन करवा रहे हैं या कोई नींव रखना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे बेस्ट टाइम है-14:07-15:46

अगर आज आप बेबी की डिलीवरी के लिए सीजेरियन करवाने की सोच रहे हैं तो इसके लिये अच्छा समय रहेगा-14:07-15:46

अगर आज आप कोई प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने की सोच रहे हैं तो बयाना लेने और देने के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा- 09:08- 10:47

अगर आज आप शेयर बाजार या कमोडिटी मार्केट में इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं तो इसके लिए लकी टाइम आज नहीं है।

अगर आज कोर्ट-कचहरी में किसी मामले में दरख्वास्त देने की सोच रहे हैं तो इसके लिये शुभ मुहूर्त आज नहीं है।

अगर आज आप सोने या चांदी की ज्वेलरी खरीदने की सोच रहे हैं तो इसके लिए बेस्ट टाइम रहेगा- 19:05- 20:26

आज अगर कोई नया बिजनेस शुरु करने की सोच रहे हैं तो इसके लिए अच्छा टाइम रहेगा- 09:08-10:47

अगर आज आप फाइनेंसियल लेन-देन करना चाहते हैं तो इसके लिए बेस्ट टाइम रहेगा-19:05- 20:26

उपाय चमत्कार:
गुड हैल्थ के लिए: 
शिवलिंग के समीप तांबे के दीपक में 6 मुखी दीपक जलाएं।

गुडलक के लिए: शिवालय में लाल तेल का 9 मुखी दीपक करें।

विवाद टालने के लिए: पानी में शक्कर मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।

नुकसान से बचने के लिए: शिवलिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाएं।

प्रोफेशनल सक्सेस के लिए: शिवलिंग पर मौली बांधें।

एजुकेशन में सक्सेस के लिए: शिवलिंग पर चढ़ा लाल फूल टेक्स्ट बुक के बीच में रखें।

बिज़नेस में सफलता के लिए: शिवलिंग पर चढ़ा जायफल गल्ले में रखें।

पारिवारिक खुशहाली के लिए: शिवालय में मीठी रोटी का भोग चढ़ाएं।

लव लाइफ मे सक्सेस के लिए: दूध में शहद मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।

मैरिड लाइफ में सक्सेस के लिए: दंपत्ति शिवालय में गुडहल का फूल चढ़ाए।

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