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किसके लिए रखा जाता है भौम प्रदोष ?

मंगलवार दिनांक 04.12.18 को मार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी को भौम प्रदोष पर्व मनाया जाएगा। परमेश्वर शिव को समर्पित त्रयोदशी सर्व दोषों का नाश करती है, इसी कारण इसे प्रदोष कहते हैं। शास्त्रों में प्रदोष पूजन वार अनुसार करने का निर्देश है। मंगल को भौम कहते है। इसी कारण मंगलवार की संध्या में त्रयोदशी पड़ने पर इसे भौम प्रदोष कहते हैं। दैनिक जीवन में आम जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज लेना आवश्यक हो जाता है। परंतु कर्ज चुकाने में मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है। ज्योतिषशास्त्र अनुसार कर्ज का निर्धारण मंगल ग्रह से होता है। भौम प्रदोष में किया गया शिव पूजन जीवन में मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव में कमी लाता है। शास्त्र अनुसार भौम प्रदोष के विधिवत व्रत-पूजन से हर तरह के कर्ज से छुटकारा मिलता है। मानसिक परेशानी दूर होती है और शारीरिक पीढ़ा से मुक्ति मिलती है तथा मंगल ग्रह के कुप्रभाव दूर होते हैं।

स्पेशल पूजन विधि: संध्या काल में शिवालय जाकर शिवलिंग सहित शिव परिवार का विधिवत षोडशोपचार पूजन करें। तांबे के दीए में गाय के घी में सिंदूर मिलाकर दीपक जलाएं, गूगल से धूप करें, लाल कनेर के फूल चढ़ाएं। रक्त चंदन से त्रिपुंड बनाए। मौली, अक्षत, भस्म, दूर्वा और बिल्वपत्र अक्षत, चढ़ाएं तथा गुड़ का भोग लगाकर रुद्राक्ष की माला से इस विशेष मंत्र से का 1 माला जाप करें। पूजन के बाद गुड़ किसी गरीब को दान करें।

स्पेशल पूजन मंत्र: ॐ बभ्लु-शाय नमः॥

स्पेशल मुहूर्त: शाम 17:30 से शाम 18:30 तक।

स्पेशल टोटके:
शारीरिक पीढ़ा से मुक्ति के लिए: 
दही में शहद मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।

मांगलिक दोष से मुक्ति के लिए: शिवलिंग पर चढ़ा सिंदूर इस्तेमाल करें।

कर्ज से छुटकारा पाने के लिए: 6 बिल्वपत्र पर लाल चंदन लगाकर काले शिवलिंग पर चढ़ाएं।

गुडलक के लिए: लाल चंदन की माला से “ॐ भीमाय नमः” मंत्र का जाप करें।

विवाद टालने के लिए: लाल वस्त्र में बंधे मसूर शिवलिंग पर चढ़ाकर भिखारी को दान करें।

नुकसान से बचने के लिए: 12 लाल फूल नीले धागे में पिरोकर शिवालय में चढ़ाएं।

प्रोफेशनल सक्सेस के लिए: नारंगी रंग के कपड़े पहनकर शिव पूजन करें।

एजुकेशन में सक्सेस के लिए: लाल पेन हाथ में लेकर “ॐ शङ्कराय नमः” मंत्र का जाप करें।

पारिवारिक खुशहाली के लिए: संध्या के समय शिव चालीसा का पाठ करें।

लव लाइफ में सक्सेस के लिए: शिवलिंग पर चढ़े सिंदूर से लेफ्ट हथेली पर लवर का नाम लिखें।

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