Breaking News
Home / सिवनी / हनीट्रैप: सिवनी के नेता और ठेकेदारों की जान सांसत में

हनीट्रैप: सिवनी के नेता और ठेकेदारों की जान सांसत में

छिंदवाड़ा के बाद सिवनी में कभी  आ सकती है SIT

राष्ट्र चंडिका भोपाल,सिवनी। मध्य प्रदेश हनी ट्रैप कांड ने कई नेताओं और अफसरों की नींद उड़ा दी है. ब्लैकमेलर हसीनाओं ने एमपी के जिन नेताओं-मंत्रियों और अफसरों के अश्लील वीडियो बनाए, उनसे इसके बदले में बड़ी कीमत वसूली गई. एसआईटी को जांच के दौरान पता चला कि ये शिकारी हसीनाएं अपने शिकारों से अब तक करीब 15 करोड़ से भी ज़्यादा की रकम वसूल कर चुकी हैं. इनमें शिकार की हैसियत के हिसाब से 50 लाख रुपये से लेकर 3 करोड़ तक की रकम वसूली गई थी. मास हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग का ये सिलसिला काफी वक्त से चल रहा था.हनी ट्रैप कांड से एक के बाद एक परतें उघड़ती जा रही हैं. पकड़ी गई महिलाओं के पास से एसआईटी (विशेष जांच दल) के हाथ एक डायरी लगी है, जिसमें शिकार बनाए गए लोगों से वसूली गई रकम और बकाया का तो ब्यौरा है ही, साथ ही उपयोग में लाए जाने वाले कोडवर्डों का भी जिक्र है. ‘मेरा प्यार’ और ‘पंछी’ इस गिरोह के प्रमुख कोडवर्ड थे. कई बार कोडवर्ड ‘वीआईपी’ का भी उपयोग किया गया. सूत्रों के अनुसार, हनी ट्रैप मामले में पकड़ी गई पांच महिलाओं में से एक जो रिवेरा टाउन में रहती है. उसके पास से कई सौ विडियो क्लिप और तस्वीरें तो मिली ही हैं, साथ ही एक डायरी भी सामने आई है. खूबसूरती के जाल में फंसे रसूखदार- अपनी खूबसूरती के जाल में रसूखदार लोगों को फंसाकर उनसे पैसे ऐंठने वाले इस गैंग ने एक इंजीनियर को फंसाया. वह इंजीनियर इंदौर नगर निगम में तैनात हैं. इन हसीनाओं के पास उस अधिकारी का वीडियो भी था. हरभजन सिंह नामक उस इंजीनियर से आरती दयाल ने तीन करोड़ रुपये की मांगी थी. इतनी बड़ी रकम का लेन-देन वे शातिर महिलाएं एनजीओ की आड़ में करती थीं. इंजीनियर ने दर्ज कराई पहली FIR- खबरों के मुताबिक एक तो ATS को पहले से इस बात की जानकारी थी. दूसरा हरभजन सिंह के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वो आरती दयाल का मुंह बंद कर पाते. लिहाज़ा इंजीनियर ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवा दी. उसके बाद पुलिस ने प्लान बनाकर पहले उस ब्लैकमेलर महिला को इंदौर बुलाया और फिर उसे धर दबोचा. उस महिला की निशानदेही पर ही पुलिस ने एक बाद एक तीन और आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया.हाई प्रोफाइल पार्टियों में तलाशे जाते थे शिकार पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि क्लब में क्लाइंट फंसाने के अलावा ये शातिर हसीनाएं अपने शिकार को साधने के लिए हाई प्रोफाइल पार्टियों में भी आया जाया करती थीं. हनी ट्रैप में पकड़ी जाने वाली महिलाएं लेट नाइट पार्टियों की शौकीन थीं. इनके मोबाइल फोन में शराब पार्टियों के कई वीडियो मिले हैं. अक्सर शनिवार की रात को हाईवे पार्टी के नाम से ये पिकनिक मनाती थीं. ये हाईवे पार्टी भोपाल-इंदौर फोरलेन रोड पर होती थीं. इसके अलावा सीहोर बायपास के रिजॉर्ट में और बड़े होटलों या फार्म हाउस में ऐसी पार्टियों को रखा जाता था. इन पार्टियों में नेताओं और मंत्रियों से लेकर आईएएस और आईपीएस अफसरों तक को बुलाया जाता था.

ऐसे फंसाती थीं अपना शिकार- इन पांच हसीनाओं ने अपने हुस्न का ऐसा काला जादू चलाया कि नेता, अफसर, कारोबारी और इंजीनियर सब के सब शिकार बन गए. मगर सवाल ये कि आखिर क्यों और कैसे इन हसीनाओं ने इन्हें अपना शिकार बनाया. दरअसल, रसूखदार हस्तियों पर कॉल गर्ल बनकर इन हसीनाओं ने पहले डोरे डाले. उन्हें अपने जाल में फंसाया और फिर उनके साथ होटल के कमरे तक पहुंचीं. उनकी रंगीन मिजाजी का फायदा उठाया. उनका अश्लील वीडियो बनाया और फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल. वीडियो बनाने के लिए ये शातिर महिलाएं अपनी लिपस्टिक कवर या फिर चश्में और बैग में खुफिया कैमरा लगाकर वीडियो बनाती थीं.
इस केस में पकड़ी गई पांच आरोपी महिलाओं में से एक लड़की नाबालिग है, जिससे गिरोह की सरगना ने जिस्मफरोशी करायी.
नाबालिग लड़कियों का इस्तेमाल- अधेड़ उम्र की ये आरोपी महिलाएं कम उम्र की लड़कियों की खूबसूरती का इस्तेमाल बड़े नेताओं, आईएएस, आईपीएस और कारोबारियों को हनी ट्रैप में फंसाने के लिए करती थीं. एसआईटी और सीआईडी इन रंगीन मिजाज रसूखदारों पर एफआईआर दर्ज करने के लिए पुख्ता सबूत जुटा रही है.
पिता ने की थी शिकायत हनी ट्रैप मामले की जांच के दौरान उस समय नया मोड़ आ गया, जब इंदौर पुलिस ने गिरोह में शामिल राजगढ़ की आरोपी छात्रा के पिता की शिकायत पर मानव तस्करी समेत दूसरी धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी. इंदौर पुलिस ने मानव तस्करी की केस डायरी को भोपाल के अयोध्या नगर थाने को भेजी थी. मामला मानव तस्करी से जुड़े जोने की वजह से अब सीआईडी भी मामले की जांच कर रही है.
IAS-IPS और नेता सब शामिल- सूत्रों के अनुसार हनी ट्रैप गैंग की आरोपी महिलाओं ने राजनेताओं, आईएएस, आईपीएस और कारोबारियों को फंसाने के लिए कई कम उम्र की लड़कियों का इस्तेमाल किया. इस मामले में मानव तस्करी की एफआईआर दर्ज हुई है. राजगढ़ की रहने वाली युवती दो वर्ष पूर्व नाबालिग थी. गिरोह की सरगना ने उसे पढ़ाई और नौकरी का लालच देकर अपने जाल में फंसाया था. लेकिन बाद में उससे जिस्मफरोशी करायी गयी. उसे कई रसूखदारों के पास भेजकर अश्लील सीडी बनायी गयी. रसूखदारों ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया. ये गिरोह के तहत किया गया हनी ट्रैप था. चूंकि लड़की नाबालिग थी इसलिए रसूखदारों का ये कृत्य अपराध की श्रेणी में आ गया है. पुलिस अब उन सारे रसूखदारों की पहचान कर रही है, जिन्होंने उस नाबालिग छात्रा के साथ गलत काम (रेप) किया. ऐसे हुआ मामले का खुलासा- एसआईटी ने मानव तस्करी के मामले में पीड़ित छात्रा से पूछताछ की, तो पता चला कि गैंग की अधेड़ महिलाएं रसूखदारों पर हुस्न का जादू चलाने के लिए कम उम्र की लड़कियों को अपना मोहरा बनाती थीं. कम उम्र की लड़कियों में गिरोह में शामिल ये नाबालिग छात्रा भी थी. पहले इंदौर पुलिस ने इस छात्रा को हनीट्रैप के तहत गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में गैंग की करतूत पता चलने पर पीड़ित छात्रा के पिता की शिकायत पर आरोपियों पर मानव तस्करी की एफआईआर दर्ज की. एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि इंदौर नगर निगम के इंजीनियर के साथ-साथ कई आईएएस, आईपीएस, कारोबारी और राजनेता ने उस छात्रा के साथ शारीरिक संबंध बनाए. दो साल पहले नाबालिग रही छात्रा के साथ गलत काम करने वाले रसूखदारों पर रेप, पॉक्सो समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी.
सबूत इकट्ठा कर रही SIT- एसआईटी हनी ट्रैप गैंग की शिकार राजगढ़ की छात्रा जैसी ही शोषित होने वाली दूसरी कम उम्र की लड़कियों की तलाश कर रही है. एसआईटी के साथ सीआईडी भी नाबालिग लड़कियों को अपना शिकार बनाने वाले रसूखदारों के खिलाफ सबूत जुटा रही है.
12 जिलों में चल रहा था सेक्स रैकेट- ये अपने शिकार से सिर्फ पैसे ही नहीं वसूलती थीं बल्कि उसके रसूख का फायदा उठाकर ये उनसे ठेके और दूसरे सरकारी काम भी निकलवाती थीं. पुलिस के मुताबिक ये हसीनाएं मध्य प्रदेश के करीब 12 जिलों में अपना सेक्स रैकेट चला रही थीं. और गिरोह में कुल 18 महिलाएं शामिल हैं. जो एक एनजीओ की आड़ में अपना धंधा करती रही हैं. गिरफ्तार की गई इस गैंग की पांचों महिलाओं का बीजेपी और कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं के साथ उठना-बैठना था. इनके अधिकारियों से भी अच्छे संबंध थे. जिसकी वजह से इनका सचिवालय में भी आना-जाना रहता था.
पुलिस ने माना संगठित अपराध- इनमें महिलाओं में आरती दयाल के अलावा श्वेता जैन, श्वेता स्वप्निल, बरखा भटनागर और मोनिका यादव के नाम प्रमुख हैं. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार की गई इन महिलाओं के पास से 14 लाख रुपये कैश भी बरामद हुआ था. खास बात ये है कि इन ब्लैकमेलर महिलाओं के जाल में फंसे 20 रसूखदार लोगों में से सात-आठ ऐसे भी थे, जिन्हें इनके मकसद के बारे में पूरी जानकारी थी.
इसकी जानकारी इन महिलाओं से मिले मोबाइल फोन पर हुई बातचीत और मैसेजेज से मिली है. यही वजह है कि पुलिस इसे संगठित अपराध मानते हुए बेहद गोपनीय तरीके से पूछताछ कर रही है और पुलिस प्रशासन के बड़े अफसरों को भी आरोपियों से मिलने की इजाजत नहीं है. पुलिस सूत्रों की मानें तो हाल ही में सिवनी से जुड़े कुछ युवक भी भोपाल में गर्म गोश्त के व्यापार में संलग्न पाये जाने पर पुलिस ने उन्हें अपना मेहमान भी बनाया है। इसके अलावा हनी ट्रेप मामले के प्रकाश में आने के बाद जिले के कुछ नेताओं के चेहरों की लाली भी उड़ी होने की चर्चाएं चौक चौराहों पर गरम दिख रही है। एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर पर अगर यकीन किया जाये तो शहर के पॉश कहे जाने वाले बारापत्थर इलाके में कुछ साल पहले हनी ट्रेप से जुड़ी एक महिला को देखा गया था। बारापत्थर क्षेत्र में सियासी नुमाईंदों के अलावा प्रशासन के अफसरान के निवास भी हैं।
  ऐसे तो पुरातन में विष कन्याओं का इस्तेमाल राजा महाराजा करते आये है, पर आज के इस युग मे जल्द अमीर होने के लिए इनका सहारा लिया जा रहा है। खबर है कि सिवनी में भी कुछ नेता और ठेकेदार इस हनी ट्रैप के लपेटे में आ सकते है। पद और ठेके पाने के लिए इस डर्टी गेम का उपयोग सिवनी में होने की चर्चाएं जोरो पर है, तब से कुछ नेताओं व ठेकेदारों की जान साँसत में अटकी हुई है।

About Akhilesh Dubey

Check Also

कृषि क्षेत्र में नई क्रांति की आवश्यकता- मुख्यमंत्री श्री नाथ

 मुख्यमंत्री द्वारा नरसिंहपुर में 70 करोड़ रूपये लागत से अधिक के विकास कार्यों का किया …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *