JavaScript must be enabled in order for you to see "WP Copy Data Protect" effect. However, it seems JavaScript is either disabled or not supported by your browser. To see full result of "WP Copy Data Protector", enable JavaScript by changing your browser options, then try again.
Sunday , February 18 2018
Breaking News
Home / राज्य / मध्यप्रदेश / नरसिंहपुर / झिझक छोड़कर प्रगति के रास्ते पर आत्मविश्वास से आगे बढ़ रही हैं ग्रामीण महिलायें

झिझक छोड़कर प्रगति के रास्ते पर आत्मविश्वास से आगे बढ़ रही हैं ग्रामीण महिलायें

नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले की जनपद पंचायत चीचली के ग्राम पनारी की ऐसी महिलायें जो पहले केवल घर का काम-काज ही देखती थी और गृहणी के रूप में काम करती थी, कुछ महिलायें मजदूरी करती थी। अब वे ग्रामीण महिलायें अपनी झिझक छोड़कर प्रगति के रास्ते पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसमें मददगार बन रहा है मध्यप्रदेश दीनदयाल अंत्योदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन। इस मिशन के नवोदय स्वसहायता समूह से जुड़कर गांव की महिलायें रोजमर्रा की जरूरतों से संबंधित काम कर रही हैं। वे स्वरोजगार के माध्यम से न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, बल्कि समाज में सम्मान भी पा रही हैं।

   पनारी की लीला बाई प्रजापति पहले छोटे-मोटे काम, मजदूरी आदि करती थी। उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले आजीविका मिशन के समूह प्रेरक देवीप्रसाद कुशवाहा से स्वसहायता समूह के बारे में जानकारी ली। इस संबंध में उन्होंने उप सरपंच मनोज कौरव से बातचीत की और स्वसहायता समूह से जुड़कर छोटी-छोटी बचत करने लगी। समूह से जुड़ने के बाद लीलाबाई ने 15 हजार रूपये का ऋण लेकर अपने खपरैल वाले मकान में ही रेडीमेड कपड़ों की दुकान खोल ली। लोगों को रेडीमेड कपड़े लेने के लिए गाडरवारा या करेली जाना पड़ता था। गांव में ही रेडीमेड कपड़े मिलने के कारण लीलाबाई की दुकान चल पड़ी। पहले लीलाबाई अपने पिता पर निर्भर थी। समूह से जुड़ने के बाद अपने पिता रामकुमार की मदद करने लगी। उनके पिता भी साइकिल पर फेरी लगाकर गांव-गांव में रेडीमेड कपड़े बेचते हैं।
पहले जहां लीलाबाई की मासिक आमदनी करीब तीन हजार रूपये थी। रेडीमेड दुकान खोलने के बाद उनकी हर माह की आमदनी 5 से 6 हजार रूपये होने लगी। लीलाबाई की दुकान पर बच्चों के कपड़े, सलवार-सूट, पेंट-शर्ट, लैगी आदि बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। उनके नवोदय स्वसहायता समूह में 10 महिला सदस्य हैं। इस समूह के काम को देखते हुए सेन्ट्रल मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक में समूह की एक लाख रूपये तक की क्रेडिट लिमिट बन गई है। इस समूह को 20 हजार रूपये का बैंक ऋण भी प्राप्त हो चुका है। आजीविका मिशन के विद्याभारती ग्राम संगठन ने भी इस समूह को 50 हजार रूपये का ऋण मुहैया कराया है। अब तक इस समूह की 80 बैठकें हो चुकी हैं। प्रत्येक सप्ताह बैठक होती है। इस समूह की सभी महिलायें स्वरोजगार से जुड़ गई हैं।
रेडीमेड दुकान की सफलता से लीलाबाई का आत्मविश्वास बढ़ा है। अब वे अपने समूह के सचिव का काम भी देख रही हैं। लीलाबाई कहती हैं कि अब वे अपने रेडीमेड की दुकान को और बढ़ायेंगी। दुकान में रेडीमेड कपड़ों के अलावा साड़ी और पैंट-शर्ट के कपड़े भी रखेंगी।

गांव में ही शुरू किया चिकिन सेंटर

   नवोदय समूह की ही महिला सदस्य शबाना सादिक ने आजीविका मिशन के माध्यम से 20 हजार रूपये का ऋण लेकर गांव में ही चिकिन सेंटर खोल लिया है। आसपास के गांवों में चिकिन सेंटर नहीं होने से शबाना का चिकिन सेंटर अच्छा चल रहा है। इससे उनकी मासिक आमदनी में 5 हजार रूपये तक का इजाफा हो गया है। इस चिकिन सेंटर से शाहपुर, सिहोरा, पनारी, कल्याणपुर के साप्ताहिक हाट बाजार समेत अन्य गांवों में भी चिकिन जाता है। इस कार्य में उनके परिवार वाले सहयोग कर रहे हैं।

बकरी पालन

   नवोदय समूह की ही सितारा बी ने करीब डेढ़ साल पहले आजीविका मिशन के जरिये 15 हजार रूपये का ऋण लेकर बकरी पालन का काम शुरू किया और 4 बकरियां ली। अब सितारा बी की बकरी बढ़कर 7 हो गई हैं। इस काम को वे और बढ़ाना चाहती हैं।

मिट्टी के खिलौने

   पनारी ग्राम की ही मुन्नीबाई पहले मजदूरी करती थी परंतु स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद मिट्टी के बर्तन, खिलौने, दीपक, मूर्तियां आदि बनाने लगी हैं। इससे उनकी आमदनी बढ़ रही है।

About Akhilesh Dubey

Check Also

नगरीय विकास की योजनाओं में तेजी से कार्य हों – कलेक्टर

नरसिंहपुर। कलेक्टर अभय वर्मा ने जिले के नगरीय निकायों, विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com