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जयपुर: राजस्थान के मुख्मयंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) छापेमारी की कार्रवाई इसलिए कर रहा है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नहीं चाहती कि राज्य की महिलाओं, किसानों और गरीबों को कांग्रेस द्वारा दी गई गारंटी का लाभ मिले।

प्रवर्तन निदेशालय ने राजस्थान में कथित परीक्षा पत्र लीक मामले में धन शोधन की जांच के सिलसिले में बृहस्पतिवार को कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और दौसा की महुआ सीट से कांग्रेस प्रत्याशी और निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला के परिसरों पर छापे मारे। उसने विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघन से संबंधित एक मामले में पूछताछ के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को भी तलब किया है।

 मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘दिनांक 25-10-23 को राजस्थान की महिलाओं के लिए कांग्रेस ने ‘गारंटी’ की घोषणाएं कीं। दिनांक 26-10-23 को कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के परिसरों पर ईडी का छापा पड़ा। मेरे बेटे वैभव गहलोत को ईडी के समक्ष पेश होने का समन जारी किया गया।” उन्होंने कहा, ‘‘अब आप वह समझ सकते हैं, जो मैं कहता आ रहा हूं कि राजस्थान में ईडी की छापेमारी रोजाना इसलिए होती है क्योंकि भाजपा यह नहीं चाहती कि राजस्थान में महिलाओं, किसानों, गरीबों को कांग्रेस द्वारा दी जा रही गारंटी का लाभ मिल सके।”

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा की बुधवार को झुंझुनू में एक रैली के दौरान मुख्यमंत्री गहलोत ने राज्य में दोबारा कांग्रेस की सरकार बनने पर दो ‘गारंटी’ की घोषणाएं की थीं। उन्होंने कहा कि 1.05 करोड़ परिवारों के लिए 500 रुपये की दर से रसोई गैस सिलेंडर और परिवार की महिला मुखिया को दस-दस हजार रुपये सालाना बतौर सम्मान राशि दिए जाएंगे।

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