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एकनाथ बने रहेंगे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, शिंदे गुट ही असली शिवसेना, अयोग्यता मामले में स्पीकर का फैसला

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– महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि शिवसेना के 2018 संशोधित संविधान को वैध नहीं माना जा सकता। यह भारत के चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में नहीं है। मैंने वैध संविधान के रूप में शिवसेना के 1999 के संविधान को ध्यान में रखा है।

– महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि दोनों पार्टियों द्वारा इलेक्शन कमीशन को सौंपे गए संविधान पर कोई सहमति नहीं है। दोनों दलों के नेतृत्व संरचना पर अलग दृष्टिकोण हैं।

– शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि जज आरोपियों से मिलने जा रहे हैं। यदि संवैधानिक फैसला लिया गया तो 40 विधायक अयोग्य हो जाएंगे। सरकार उन लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है जो नहीं है।

फैसले से पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का बयान

हमारे पक्ष में फैसला आने की उम्मीद है। बहुमत हमारे साथ है। स्पीकर से मुलाकात पर आपत्ति जताना गलत है। इसमें विरोधियों को क्या दिक्कत है। स्पीकर से मेरी आधिकारिक मुलाकात हुई है। हम ही असली शिवसेना है, यह साबित हो चुका है।

– भाजपा ने सुधीर मुंगटीवार ने कहा, सच्चाई की जीत होगी। एकनाथ शिंदेजी के साथ बहुमत है। चुनाव आयोग ने उन्हें अधिकृत शिवसेना करार दिया है।

– फैसले से पहले बयानबाजी तेज है। सीएम एकनाथ शिंदे से मुलाकात पर उद्धव ठाकरे की आपत्ति पर स्पीकर राहुल नार्वेकर ने कहा कि मुख्यमंत्री और स्पीकर की मुलाकात होती रहती है। आज का फैसला ऐतिहासिक और संविधान तथा सुप्रीम कोर्ट के अनुसार होगा।

राज्य का मुख्यमंत्री असंवैधानिक: संजय राउत

शिवसेना (यूबीटी गुट) के नेता संजय राउत ने कहा, आज यह तय हो जाएगा कि यह सरकार अवैध है। पीएम मोदी आगामी चुनावों के लिए रैली करने के लिए महाराष्ट्र आ रहे हैं…देखना यही है कि क्या किसी तरह की मैच फिक्सिंग होती है? उन्हें इतना भरोसा कैसे है कि यह सरकार बनी रहेगी। आज जो भी फैसला होगा वह महज औपचारिकता होगी। राज्य का मुख्यमंत्री असंवैधानिक है।

फैसले से पहले एकनाथ शिंदे सरकार में उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा जताया है कि सरकार स्थिर रहेगी। वहीं शिवसेना (उद्धव गुट) का दावा है कि स्पीकर का फैसला आते ही राज्य में शिदे सरकार गिर जाएगी।

विधानसभा अध्यक्ष उचित एवं कानून सम्मत निर्णय करेंगे। भाजपा एवं शिवसेना के शिंदे गुट द्वारा बनाई गई सरकार कानूनी रूप से मजबूत है। हमारा पक्ष मजबूत है। हमें विधानसभा अध्यक्ष से न्याय मिलने का भरोसा है। इसलिए, हमारी सरकार कल भी स्थिर थी और आगे भी स्थिर रहेगी। – देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम, महाराष्ट्र

शिवसेना में बगावत की पूरी कहानी, क्या हुआ था डेढ़ साल पहले

करीब डेढ़ साल पहले शिवसेना में बड़ी बगावत हुई थी। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में कुल 39 विधायक बागी हो गए थे और भाजपा के साथ मिलकर सरकार बना ली थी। बाद में एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया गया।

शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और 16 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में केस चला। शिंदे गुट ने भी उद्धव ठाकरे के साथ बचे रहे 14 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी।

कुछ माह बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला करने का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को सौंप दिया था।

सीएम से मिलने क्यों गए स्पीकर

इस बीच, शिवसेना (उद्धव गुट) ने अभी से विधानसभा अध्यक्ष पर अविश्वास जताना शुरू कर दिया है। दरअसल, पिछले दिनों में विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर दो बार मुख्यमंत्री शिदे से मिलने उनके निवास पर जाए। इस पर शिवसेना (उद्धव गुट) ने आपत्ति दर्ज करवाई है।

उद्धव ठाकरे का कहना है कि जब जज (राहुल नार्वेकर) स्वयं आरोपी (एकनाथ शिंदे) से मिलने उसके घर जा रहे हों, तो हम जज से क्या उम्मीद कर सकते हैं।

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