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बजट से 1 दिन पहले पेश होगा आर्थिक सर्वेक्षण, जानिए इसे क्यों माना जाता है अहम

आगामी आम बजट-2020 आने में अभी मह 2 दिन बचे हैं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लोकसभा में आम बजट पेश करेंगी, जिसमें देश की आर्थिक विकास को रफ्तार देने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। उससे ठीक एक दिन पहले 31 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की जाएगी। इसे दोनों सदनों में पेश किया जाता है। आम भाषा और सरल शब्दों में समझें तो इकोनॉमिक सर्वे में देश की आर्थिक सेहत का लेखा-जोखा होता है। सरकार इस दस्तावेज के जरिए देश को यह बताती है कि अर्थव्यवस्था की हालत कैसी है। सरकार की योजनाएं कितनी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। जानिए इससे जुड़ी अहम बातें
क्या होता है आर्थिक सर्वेक्षण
- इस सर्वेक्षण में देश की अर्थव्यवस्था, पूर्वानुमान और नीति चुनौतियों की विस्तृत जानकारी होती है।
- इसमें जरूरी क्षेत्रवार रूपरेखा और सुधार के उपायों की विवेचना होती है।
- ये सर्वेक्षण भविष्य में बनाई जाने वाली नीतियों के लिए एक दृष्टिकोण का काम करता है।
- विस्तृत आर्थिक स्थिति में इस बात पर जोर दिया जाता है कि किन क्षेत्रों पर सरकार को ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।
- यह सर्वेक्षण केवल सिफारिशें हैं और इन्हें लेकर कोई कानूनी बाध्यता नहीं होती है और इस कारण से सरकार इन्हें केवल निर्देशात्मक रूप से लेती है।
कौन करता है तैयार
- आर्थिक सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार के साथ वित्त और आर्थिक मामलों की जानकारों की टीम तैयार करती है।
- आर्थिक सर्वे में इसकी पूरी जानकारी होती है कि आने वाले समय में इकॉनमी की हालत क्या होगी।
- कई बार इस सर्वे रिपोर्ट में सरकार को सुझाव भी दिया जाता है।
- हालांकि सरकार सुझाव मानने के लिए बाध्य नहीं है। सरकार इस फैसले के लिए स्वतंत्र होती है कि बजट में क्या घोषणाएं करनी हैं और किन सुझावों को अमल में लाना है।






