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भारत की नई एडवाइजरी-न जाएं चीन; जो 15 जनवरी से गए हैं पड़ोसी देश, लौटने पर उनको रखा जाएगा अलग

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने एक बार फिर से नया यात्रा परामर्श जारी कर लोगों से हुबेई प्रांत में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के मद्देनजर चीन की यात्रा नहीं करने की अपील की और कहा कि पड़ोसी देश से लौटने वाले यात्रियों को पृथक केंद्र में रखा जा सकता है। अपने परामर्श में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 15 जनवरी से चीन की यात्रा करने वालों को पृथक केंद्र में रखा जा सकता है। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल की बैठक में नया परामर्श जारी करने का निर्णय लिया गया।

कारोना वायरस से निपटने की तैयारी को लेकर यह बैठक हुई थी। यह विषाणु अब 25 देशों में फैल गया है। स्वास्थ्य सचिव, विदेश सचिव, गृह सचिव, नागर विमानन सचिव, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के अधिकारी, भारत तिब्बत सीमा बल, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने इस बैठक में हिस्सा लिया।

रविवार को 445 उड़ानों के 58,658 यात्रियों का कोरोना वायरस को लेकर परीक्षण किया गया। समेकित रोग निगरानी कार्यक्रम के तहत 142 यात्रियों को लक्षण के आधार पर पृथक केंद्रों में रखा गया है। अब तक 130 नमूनों का परीक्षण किया गया है जिनमें से 128 निगेटिव पाए गए हैं। भारत में अब तक कोरोना वायरस के दो पोजिटिव मामले केरल में सामने आए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि दोनों ही पोजिटिव मामलों की निगरानी की जा रही है और दोनों मरीजों की हालत स्थिर है। मंत्रालय ने कहा कि 330 यात्रियों (मालदीव के सात नागरिक समेत) का दूसरा जत्था वुहान से भारत पहुंचा है। उनमें से 300 को (सात मालदीव नागरिक समेत) आईटीबीपी छावला कैंप में रखा गया है। उनकी प्रभावी निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही ई-वीजा पर भारत की यात्रा तत्काल अस्थायी आधार पर निलंबित कर दी गई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह चीनी पासपोर्ट धारकों पर लागू होता है और चीन में रह रहे अन्य देशों के आवेदकों पर भी लागू होता है।

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