Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

पैसा लो और देश दे दो!” क्या अमेरिका ग्रीनलैंड को खरीदने के लिए हर नागरिक को देगा 90-90 लाख? जानें वायरल खबर का सच

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के सबसे बड़े द्वीप ग्रीनलैंड पर कब्जा जमाने के लिए हर मुमकिन विकल्प पर विचार कर रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ग्रीनलैंड के लोगों को अपने पक्ष में करने के लिए एक बेहद चौंकाने वाले प्रस्ताव पर मंथन कर रहे हैं. इस प्रस्ताव के तहत हर ग्रीनलैंड नागरिक को $100,000 यानी करीब 90 लाख रुपये तक की एकमुश्त रकम देने की योजना पर चर्चा चल रही है.

बताया जा रहा है कि वॉशिंगटन में इस मुद्दे को लेकर गंभीर बातचीत हो रही है और ट्रंप प्रशासन ग्रीनलैंड को अमेरिका के कंट्रोल में लाने के लिए अलग-अलग रणनीतियों पर विचार कर रहा है.अगर यह योजना लागू होती है, तो करीब 57,000 ग्रीनलैंडवासियों को कुल मिलाकर $5.7 बिलियन का भुगतान करना पड़ सकता है.

क्यों इतना अहम है ग्रीनलैंड?

ग्रीनलैंड भले ही आबादी में छोटा हो, लेकिन रणनीतिक और सैन्य नजरिए से यह बेहद अहम माना जाता है. ट्रंप पहले भी साफ कर चुके हैं कि ग्रीनलैंड का कंट्रोल अमेरिका के लिए बहुत जरूरी है. उनका कहना है कि यह इलाका सिर्फ भौगोलिक नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक तौर पर भी अमेरिका की वैश्विक ताकत के लिए जरूरी है. ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि ग्रीनलैंड को हासिल करने और यूरोप के साथ रिश्ते बनाए रखने के बीच कोई न कोई विकल्प सामने आ सकता है। इस बयान के बाद यूरोपीय देशों में चिंता और नाराज़गी दोनों देखने को मिली.

सैन्य कार्रवाई की धमकी से बढ़ा तनाव

हाल ही में ट्रंप ने यह कहकर माहौल और गरमा दिया कि जरूरत पड़ने पर वह सैन्य विकल्प से भी पीछे नहीं हटेंगे. उनके इस बयान को नाटो देशों के लिए सीधी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है. डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों पहले ही साफ कर चुके हैं कि ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है, और किसी भी तरह की जबरदस्ती नाटो गठबंधन को खतरे में डाल सकती है.

ग्रीनलैंड में मिली-जुली प्रतिक्रिया

ग्रीनलैंड के लोगों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर डर और असमंजस का माहौल है. कई लोग ट्रंप की सैन्य धमकियों से चिंतित हैं. वहीं, मुख्य विपक्षी पार्टी नालेराक ने इसे मौके की खिड़की बताया है. पार्टी का मानना है कि अमेरिका की दिलचस्पी से ग्रीनलैंड के लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने के ठोस मौके मिल सकते हैं. हालांकि पार्टी के नेताओं ने साफ किया कि ग्रीनलैंडवासी न तो अमेरिकी बनना चाहते हैं और न ही डेनिश, वे सिर्फ ग्रीनलैंडर के रूप में अपनी पहचान बनाए रखना चाहते हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.