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दंगे का ‘वायरल’ सच: तुर्कमान गेट हिंसा में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स की एंट्री, पुलिस बोली- “फॉलोअर्स का किया गया गलत इस्तेमाल

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दिल्ली में तुर्कमान गेट हिंसा मामले में जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं. हिंसा की इस घटना में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर का बड़ा किरदार सामने आया है, जिनकी पुलिस कुंडली खंगाल रही है. इसी कड़ी में पुलिस ने 10 सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर की लिस्ट तैयार की है, जिसमें से 4 इंफ्लुएंसर के नाम सामने आ गए हैं.

दिल्ली पुलिस का आरोप है कि इन सभी ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डाले थे.सभी को दिल्ली पुलिस इंवेस्टीगेशन जॉइन करने के लिए नोटिस दे रही है. जिन 4 इंफ्लुएंसर के नाम सामने आ गए हैं, उनमें खालिद मालिक,सईद उमैर अली,ऐमन रिजवी औरसलमान खान शामिल हैं. इंस्टाग्राम पर इन सभी के अच्छी-खासी तादात में फॉलोवर हैं.

तुर्कमान गेट हिंसा मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. ड्रोन से तुर्कमान गेट के आसपास निगरानी की जा रही है. हिंसा की घटना के बाद गुरुवार कोदिल्ली पुलिस की फॉरेंसिक टीम पत्थरबाजी वाली जगह सबूत जुटाने पहुंची थी.जो पत्थर जमीन पर बिखरे हुए पड़े थे, उन्हें टीम ने इकट्ठा किया.

बढ़ता चला जा रहा है जांच का दायरा

बता दें कि इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. लगातार दिल्ली पुलिस की जांच का दायरा बढ़ता चला जा रहा है. सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में कैद हुए कई आरोपियों की पहचान की जा चुकी है. इनकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह पर रेड भी की जा रही है.

पुलिस के हाथ इस मामले में कई अहम सबूत लगे हैं. जिनमें देखा जा सकता है कि तुर्कमान गेट इलाके में अवैध निर्माण हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना मामले में सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई देता है कि उपद्रवी पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचे थे. पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने अपने चेहरे ढके हुए थे, ताकि बाद में उनकी शिनाख्त न हो सके.

पुलिस को पहले ही मिल गया था ये अलर्ट

बता दें कि मस्जिद के आसपास बुलडोजर कार्रवाई को लेकर दिल्ली पुलिस को अलर्ट था कि अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा हो सकती है.इसी वजह से 5 जिलों की पुलिस को तुर्कमान गेट में तैनात किया गया था.इंटेलिजेंस यूनिट ने पुलिस को अलर्ट भेजा था. इसमें एंटी नेशनल एलिमेंट का ज़िक्र किया गया था. बताया गया था कि स्थानीय लोग प्रोटेस्ट कर सकते हैं.7 बार अमन कमेटी की मीटिंग के बाद भी पुलिस को अलर्ट भेजा गया था.

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