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Youtube पर देखकर मौसेरे भाई की हत्या, 14 साल पुरानी रंजिश में वारदात को दिया अंजाम

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गुड़गांंव: 14 साल पुरानी रंजिश में मौसेरे भाई की हत्या करने के मामले में गुड़गांव पुलिस की अपराध शाखा पालम विहार ने दो आरोपियों को काबू कर लिया है। आरोपियों ने YouTube पर वीडियो देखकर हत्या की साजिश रची थी। आरोपियों की पहचान गांव डकोरा रोहतक निवासी गुरुदत्त शर्मा उर्फ बालेश्वर शर्मा (56) व बागपत उत्तर प्रदेश निवासी अनिल (48) के रूप में हुई। पुलिस टीम ने आरोपी गुरुदत्त शर्मा को 10 जनवरी को देहरादून (उत्तराखंड) से गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया जहां से उसे 4 दिन के रिमांड पर लिया गया। वहीं आरोपी अनिल को 12 जनवरी को मुजफ्फरनगर, उत्तर-प्रदेश से गिरफ्तार किया।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि आरोपी गुरुदत्त शर्मा, देहरादून में कैफे चलाता है तथा मृतक संजय शर्मा इसकी (गुरुदत्त) मौसी का लड़का था। दोनों का वर्ष 2011-12 तक क्रेशर बजरी का संयुक्त व्यवसाय था, जो आपसी मनमुटाव के चलते बंद हो गया था। इसी रंजिश के चलते दोनों के बीच कई बार विवाद भी हुआ था। इसने अपने उपरोक्त साथी आरोपी अनिल एवं अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर मृतक की रेकी करवाई और पूर्व नियोजित योजना के तहत 6 जनवरी को रामा गार्डन के पास मृतक की गाड़ी को टक्कर मारी। जब मृतक गाड़ी से नीचे उतरा तो इसने (गुरुदत्त) गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।

आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा किया कि उपरोक्त वारदात को अंजाम देने की योजना ये काफी समय से बना रहे थे। आरोपी गुरुदत्त शर्मा, आरोपी अनिल को पिछले लगभग 10 वर्षों से जानता था। आरोपी अनिल, मुजफ्फरनगर में प्राइवेट बस चालक के रूप में कार्य करता है। गुरुदत्त शर्मा ने हत्या की वारदात को अंजाम देने व रेकी के लिए आरोपी अनिल को 10 लाख रुपये दिए थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि हत्या की योजना बनाने एवं वारदात के बाद पुलिस से बचने के तरीकों के लिए इन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर जानकारी प्राप्त की और प्राप्त जानकारी के अनुसार साजिश रची। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

आपको बता दें कि 6 जनवरी को सेक्टर-10 थाना पुलिस को सूचना मिली थी सेक्टर-37डी में रामा गार्डन के पास एक व्यक्ति का खून से लथपथ शव पड़ा है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया।  मृतक की पहचान बसई एन्क्लेव पार्ट-2 निवासी संजय शर्मा (50) के रूप में हुई थी। मृतक के बेटे ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि उसके पिता सुबह घर से दूध लेने के लिए गए थे। सुबह करीब आठ बजे उन्हें पिता के लहूलुहान हालत में पड़े होने की सूचना मिली थी। मामले में उन्होंने बताया था कि मृतक सुरेंद्र शर्मा डीपीजी कॉलेज में कैंटीन चलाते थे। कुछ दिन पहले उनकी कैंटीन के पास कॉलेज के दो गुटों का झगड़ा हुआ था जिसमें एक गुट द्वारा सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देने पर सुरेंद्र पर दबाव बनाया जा रहा था। ऐसे में उन्होंने इसी कॉलेज के गुट पर शक जताया था कि उन्होंने ही इस वारदात को अंजाम दिया है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा कर दिया है।

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