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उज्जैन में हाहाकार! अंकित सेवा धाम आश्रम में 10 से अधिक बच्चों की मौत, प्रशासन में मचा हड़कंप; क्या है मौतों की वजह?

उज्जैन: उज्जैन के अंकित सेवा धाम आश्रम में बीते एक महीने में 10 लोगों की मौत हुई है. इनमें 10 से 18 वर्ष तक के बच्चों की संख्या अधिक है. हैरान करते मौत के आंकड़ों की जानकारी शासकीय चरक भवन से सामने आई जब दो दिन में चार डेड बॉडी के पोस्टमार्टम हुए. पूरे मामले की पुष्टि शासकीय चरक भवन के आरएमओ चिन्मय चिंचोलेकर एवं अंकित सेवा धाम आश्रम के संचालक सुधीर भाई गोयल ने की. आश्रम के संचालक ने बताया कि 75 से अधिक लोगों की हालत गंभीर है. थाना भैरवगढ़ पुलिस ने सभी मामलो में मर्ग कायम किया है.

कहां है ये आश्रम! जहां मौत से हड़कंप?

उज्जैन से 22 किलोमीटर दूर तहसील घट्टिया के अंबोदिया गांव में अंकित सेवा धाम आश्रम है. आश्रम के संचालक सुधीर भाई गोयल अपने परिवार के साथ आश्रम को संचालित करते हैं. आश्रम में बच्चे से बुजुर्ग तक हर आयुवर्ग के लोग हैं. आश्रम संचालक सुधीर भाई गोयल ने बताया उन्होंने अपने बेटे अंकित की 1989 में मौत के बाद बेटे अंकित के नाम से ही 26 बीघा जमीन पर गांव अंबोदिया में आश्रम की नींव रखी. बेसहारा लोगों के लिए आश्रय स्थल की शुरुआत की. आज 1200 निराश्रित लोग यहां रहते हैं. जिनकी हम दिन रात सेवा में लगे रहते हैं.

40 दिनों में 11 मौत?

शासकीय चरक भवन के आरएमओ डॉ. चिन्मय चिंचोलेकर ने बताया “20 नवंबर 2025 से लेकर 10 जनवरी 2026 तक डेढ़ महीने के अंदर अंकित सेवा धाम आश्रम से पीड़ितों को लाया गया था. जिनमें से 11 से 12 पीड़ितों की एक के बाद एक मौत हुई है. सभी का शासकीय चरक भवन अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में थाना भैरवगढ़ पुलिस की मौजूदगी में पीएम हुआ है.

समय समय पर शासकीय चरक भवन की डॉक्टरों की टीम सेवा धाम आश्रम में रहने वालों के स्वास्थ्य उपचार के लिए जाती है. जो अस्पताल आते है उन्हें अस्पताल में बेहतर उपचार दिया जाता है.

ये है वो 11 नाम जिनकी मौत से मचा हड़कंप!

शासकीय चरक भवन अस्पताल के के पोस्टमार्टम रूम व अंकित सेवा धाम आश्रम से सामने आए मृतकों में छोटू उर्फ अटल(18 वर्ष) सुशीला (15 वर्ष) रानी (उम्र 24 वर्ष) कृष्णा (19 वर्ष), परी (10 वर्ष), निहारिका (19 वर्ष) पवन (16 वर्ष), दीपाली (31वर्ष), कबीर (18 वर्ष), शीतल (20 वर्ष), जया व अन्य भी शामिल हैं.

कहा के हैं बच्चे और कैसे हुई एक के बाद एक मौत?

डॉ. चिन्मय चिंचोलेकर ने बताया “हमारे पास कुछ पीड़ित मृत अवस्था में तो कुछ गंभीर अवस्था में आए थे जिनकी उपचार के दौरान मौत हुई. अधिकतर मौतों में एनीमिया बीमारी सामने आई है.” वहीं अंकित सेवा धाम आश्रम के संचालक सुधीर भाई गोयल ने बताया “ये बच्चे उज्जैन के महीदपुर, महाराष्ट्र के नागपुर व सबसे ज्यादा इंदौर के युग पुरुष धाम आश्रम से साल दो साल के अंदर लाए गए थे जो बहुदिव्यांग अवस्था में थे. आश्रम में कई प्रकार के संक्रामक रोगों से पीड़ित लोग आते हैं जो ना खा सकते हैं ना खुद से कुछ कर सकते हैं. कई बार ऐसे भी लोग आते हैं जिनको सांस लेने में तकलीफ है. अचानक से अटैक आना व अन्य तरह तरह की बीमारी से पीड़ित. कुछ ऐसे भी जो 8-10 साल से बिस्तर पर पड़े हैं ऐसे में जीवन मृत्यु का कोई भरोसा नहीं होता.

75 से 80 मरने की अवस्था में और?

आश्रम संचालक सुधीर भाई गोयल ने बताया हमारे आश्रम में 150 से अधिक ऐसे लोग हैं जो पलंग पर ही पड़े रहते हैं. उसमें से 75 से 80 मरणासन अवस्था में हैं, जिनके जीवन मृत्यु को लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता. हाल ही में इंदौर को भिक्षुक मुक्त किया गया तो 900 भिक्षुओं को सेवा धाम आश्रम लाया गया था जिसमें से 500 से अधिक भिक्षुकों को उनके घर सुरक्षित पहुंचाया गया है. वहीं कुछ जो बुजुर्ग थे उनकी मृत्यु भी हुई है. आश्रम में अभी 200 भिक्षुक और हैं.

युग पुरुषधाम आश्रम रहा विवादों में?

1 साल पहले इंदौर स्थित युगपुरुष धाम आश्रम में कई बच्चों की मौत से हड़कंप मच गया था. तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने शिकायत पर युगपुरुष धाम आश्रम पर कार्रवाई करते हुए आश्रम में रहने वाले बच्चों को उज्जैन के अंकित सेवा धाम आश्रम में शिफ्ट किया था. मामले में युग पुरुष धाम आश्रम के संचालकों के विरुद्ध जांच कमेटी भी बनाई गई थी और आश्रम को जांच के बाद बंद करवा दिया गया था.

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