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ड्राइवर के हाथ-पैर बांधकर कंटेनर से करोड़ों के मोबाइल लूटे, पुलिस ने नहीं लिखी फरियाद, थानेदार समेत दो निलंबित

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सागर। हैदराबाद से एप्पल कंपनी के करोड़ों रुपये के मोबाइल लेकर चले कंटेनर चालक के नींद में ही हाथ-पैर बांध कर ट्रक में रखे करोड़ों रुपये के मोबाइल लूट लिए गए। चालक की जब नींद खुली तो वह शिकायत दर्ज कराने नजदीकी बांदरी पुलिस थाना पहुंचा। लेकिन वहां मौजूद पुलिस स्टाफ ने उसे दूसरे थाना क्षेत्र का मामला बताकर चलता कर दिया। लूट की घटना के 13 दिन बाद भी एफआइआर न करने पर बांदरी थाना के लापरवाह टीआई और एएसआई को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए आईजी प्रमोद वर्मा खुद बांदरी थाने पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे मामले की तफ्तीश की।

एक पखवाड़ा पहले की घटना

जानकारी के अनुसार 14 अगस्त को हैदराबाद से एप्पल कंपनी के मोबाइल लेकर कंटेनर चालक उत्तर भारत की ओर निकला था। ट्रक में चालक के साथ एक सिक्युरिटी गार्ड भी था। लखनादौन के पास फोनलेन पर एक दूसरा सिक्युरिटी गार्ड भी ट्रक के साथ चलना था।

कंटेनर के बाजू में सोया था चालक

लखनादौन के पास ट्रक में मौजूद सिक्युरिटी गार्ड चाय पीने के लिए रुका और उसने एक शख्स को ड्राइवर से मिलाया और बताया कि इसी गार्ड को साथ चलना है। चाय पीने के बाद दोंनों सिक्युरिटी गार्ड और चालक ट्रक लेकर चल पड़े। रास्ते में चालक ने नींद आने की बात कही, जिस पर सिक्युरिटी गार्ड ने ट्रक को रोककर सोने की कहा, जिसके बाद चालक ने रात में ट्रक को फोरलेन पर साइड में लगाकर रोका और सो गया।

रात के अंधेरे में हुई लूट

दूसरे दिन 15 अगस्त को चालक की नींद खुली तो उसने देखा कि उसके हाथ, पैर और मुंह बंधा हुआ है। जैसे-तैसे उसने अपने हाथ, पैर खोले और पीछे कंटेनर में गया, जहां देखा कि कंटेनर का गेट खुला हुआ था और उसमें रखे एप्पल कंपनी के मोबाइल गायब थे। आसपास से गुजर रहे लोगों से पूछा तो मालूम हुआ कि वह बांदरी के पास शिवम ढाबे के पास है।

पुलिस ने टाल दिया मामला

चालक ने इसकी सूचना बांदरी थाने में दी, लेकिन इस पूरे मामले में पुलिस ने न तो सक्रियता दिखाई और न ही गंभीरता बरती। चालक को दूसरे थाना क्षेत्र का मामला बताकर चलता कर दिया गया। इसकी सूचना आईजी को मिली, जिसके बाद गुरुवार को आईजी प्रमोद वर्मा बांदरी थाना पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे मामले की जानकारी लेते हुए अब तक की गई कार्रवाई के बारे में पूछा।

आला अधिकारियों ने लिया संज्ञान

पूरे मामले में थाना प्रभारी भागचंद उईके और एएसआई राजेंद्र पांडेय की लापरवाही सामने आई, जिसके बाद आईजी ने तत्काल ही दोनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं शाम को ही एएसपी संजीव उईके भी बांदरी पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे मामले की तफ्तीश की और मामले की विवेचना शुरू करवाई।

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