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अब काशी तक जाएगी मेरठ-लखनऊ वंदे भारत, रेलवे ने क्यों बढ़ा दी ट्रेन की दूरी?

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मेरठ से लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार अब वाराणसी तक किया जा रहा है. यह फैसला यात्रियों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है. शुरुआत में जब मेरठ-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू की गई थी तो इसे अच्छा रिस्पांस मिला था. हालांकि, वर्तमान में लखनऊ से मेरठ जाने के लिए यात्री मिल रहे हैं, लेकिन मेरठ से लखनऊ आने वाले यात्री कम हैं, जिससे रेलवे को नुकसान हो रहा है. इस नुकसान को देखते हुए अब ट्रेन का विस्तार करने का निर्णय लिया गया है.

मेरठ से लखनऊ आने वाले यात्री कम हैं, जिसके कारण रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा है. यात्रियों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से ट्रेन का विस्तार वाराणसी तक करने की योजना बनाई गई है. रेलवे प्रशासन की ओर से मेरठ से लखनऊ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू की गई थी और शुरुआत में ही इस ट्रेन को अच्छा रिस्पांस मिला था. हालांकि, लखनऊ से मेरठ जाने के लिए यात्री मिल रहे हैं, लेकिन मेरठ से लखनऊ आने वाले यात्रियों की संख्या कम हो रही है, जिसके कारण रेलवे को नुकसान हो रहा है.

उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल को सौंपी गई जिम्मेदारी

उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल को फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वर्तमान में मेरठ से लखनऊ आने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 22490) में चेयरकार और एग्जीक्यूटिव क्लास में सीटें खाली हैं. 11 से 15 दिसंबर तक चेयरकार में क्रमशः 302, 343, 353, 347 और 324 सीटें रिक्त हैं. वहीं, एग्जीक्यूटिव क्लास में भी सीटें खाली हैं, जिनकी संख्या 12, 18, 32, 28 और 5 सीटें हैं. इस श्रेणी में किराया 2,415 रुपए है, जबकि चेयरकार में 1,355 रुपए किराया है. इसलिए यात्रियों की संख्या कम होने के कारण रेलवे ने इसे विस्तार देने का निर्णय लिया है.

नई दिल्ली-जयनगर एक्सप्रेस को किया गया निरस्त

प्रयागराज में हो रहे दोहरीकरण कार्य के कारण, नई दिल्ली-जयनगर एक्सप्रेस को 11 और 12 दिसंबर को निरस्त किया गया है. गाड़ी संख्या 12562 (नई दिल्ली से जयनगर) और गाड़ी संख्या 12561 (जयनगर से नई दिल्ली) दोनों को इस दौरान निरस्त रखा जाएगा. 31 अगस्त से मेरठ से लखनऊ के लिए वंदे भारत ट्रेन का संचालन शुरू हुआ था, जिसका वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था.

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