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पुलिस कर्मी या भू-माफिया? निलंबित लेखपाल से मिलीभगत कर बरेली में करोड़ों की जमीन हड़पी; तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड

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उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुलिस कर्मियों की एक करतूत सामने आई है, जहां थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज, हेड कांस्टेबल ने निलंबित चकबंदी लेखपाल के साथ मिलकर करोड़ों की जमीन पर रातों-रात कब्जा कर लिया. यह घटना पुलिस और भूमाफियाओं की मिलीजुली साजिश का हिस्सा थी, जिसमें पीड़ित पक्ष का चालान भी कर दिया गया.

बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने इस मामले को गंभीरता से लिया और जांच में पाया कि थाना बारादरी के इंस्पेक्टर सुनील कुमार, सैटेलाइट चौकी इंचार्ज और हेड कांस्टेबल ने मिलकर भूमाफियाओं के गिरोह के साथ मिलकर अवैध रूप से करोड़ों की कीमती जमीन पर कब्जा कर लिया. यह पूरी घटना तब सामने आई जब जमीन के मालिक मोहम्मद इलियास ने पुलिस वालों पर जमीन हड़पने की शिकायत की.

कैसे हुआ अवैध कब्जा

घटना के अनुसार, मोहम्मद इलियास का यह प्लॉट बरेली के नवादा शेखान इलाके में स्थित है, जहां उनका परिवार पिछले कई सालों से फूलों की नर्सरी चला रहा था. 13 दिसंबर को मोहम्मद इलियास के परिवार के सदस्य परवेज और अन्य को पुलिस ने थाने बुलाया और उनके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया. 14 दिसंबर की शाम को आरोपियों को समय देने के लिए परवेज और उसके परिवार का चालान कर दिया गया.

इसके बाद, निलंबित चकबंदी लेखपाल और भूमाफियाओं के गिरोह ने पूरी साजिश के तहत रातों-रात इस प्लॉट पर कब्जा कर लिया. आरोपियों ने खुद को भूमि के मालिक बताते हुए वहां चेतावनी बोर्ड और सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए. विवाद से बचने के लिए अनुसूचित जाति के कुछ लोगों को वहां बसा दिया गया ताकि किसी भी विवाद की स्थिति में एससी-एसटी एक्ट का सहारा लिया जा सके.

तीन पुलिसकर्मियों का निलंबन

पूरे मामले की जांच जब एसपी सिटी मानुष पारीक ने की, तो यह बात सामने आई कि इंस्पेक्टर सुनील कुमार, चौकी इंचार्ज और हेड कांस्टेबल ने भूमाफियाओं के गिरोह से मिलकर पूरी साजिश को अंजाम दिया. इसके बाद एसएसपी ने तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दे दिए.

बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य का बयान

एसएसपी अनुराग आर्य ने इस मामले में बयान देते हुए कहा, ‘हमारी पुलिस किसी भी अपराधी को नहीं छोड़ने वाली है. जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह पुलिस कर्मचारी हो या कोई अन्य, उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी. इस घटना में जो पुलिसकर्मी और भूमाफिया गिरोह शामिल थे, वे कानून से ऊपर नहीं हैं और उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.’

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