पंजाब के युवा अकाली नेता विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या मामले में अदालत का फैसला आ गया है। मोहाली कोर्ट ने तीन शूटरों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और प्रत्येक पर 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। अदालत ने शुक्रवार को तीनों हमलावरों को दोषी ठहराया। आरोपियों में अजय उर्फ सन्नी उर्फ लेफ्टी, सज्जन उर्फ भोलू और अनिल लाठ शामिल हैं। तीनों एक गैंगस्टर और शार्प शूटर के सहयोगी हैं।
गोलियां मारकर की गई थी हत्या
विक्की मिड्ढूखेड़ा की हत्या 4 साल पहले 7 अगस्त 2021 को उस समय कर दी गई थी, जब वह सेक्टर 70 में अपने प्रॉपर्टी डीलर दोस्त के पास गया था। जैसे ही वह कार्यालय से बाहर निकला और अपनी कार की ओर बढ़ा, दो नकाबपोश व्यक्ति उसके पास आये। जिन्होंने उस पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। विक्की कार से बाहर निकला और भागने की पूरी कोशिश की। वह लगभग एक किलोमीटर तक दौड़ा।
लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा करना जारी रखा। उन्होंने कुल 20 गोलियां चलाईं, जिनमें से 9 विक्की को लगीं जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के अगले दिन, बंबीहा गिरोह ने घटना की जिम्मेदारी ली। शुरुआती जांच में बंबीहा गिरोह चलाने वाले लक्की पटियाल का नाम प्रकाश में आया था। दोनों गिरोह एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हैं।
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