मॉडल टाऊन के करोबारी से 4.35 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के दो मैंबरों को लुधियाना की साइबर क्राइम की पुलिस ने काबू किया है। पुलिस टीम ने आरोपी को राजस्थान के जिला गंगानगर से पकड़ा है। पकड़े गए आरोपी पंकज और चंद्र मोहन है। पुलिस ने आरोपी को अदातल पेश किया। जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया था।
जानकारी देते हुए साइबर थाने के ए.सी.पी. मुराद जसवीर सिंह गिल और एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर जतिंदर सिंह ने बताया कि 21 जून 2024 को थाना साइबर में पहली एफ.आई.आर. दर्ज हुई थी जोकि माडल टाऊन के रहने वाले कारोबारी रछपाल सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई थी। इसमें कारोबारी ने बताया था कि कुछ लोगों ने इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर कुल 4 करोड़ 35 लाख 69 हजार की ठगी की है। जिसके बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता के बजाए हुए नाम आरोपी तनवी शर्मा, मंडेर पवार, शिवानी एस कुरियन, ज्योति शर्मा, शरन गुप्ता, बिक्रम पटेल और अंजली शर्मा को नामजद किया था और आगे की जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला कि केस में नामजद नाम आरोपियों के असल नाम नहीं है। आरोपियों ने नाम बदल कर ठगी की है। जांच में सामने आया कि एक 60 लाख की एंट्री हरियाणा के महिंदरगढ़ के एस.बी.आई. बैंक में ट्रांसफर हुए थे। जोकि विक्रम यादव के नाम से था। पुलिस सबसे पहले विक्रम यादव तक पहुंच गई। वहां से पता चला कि उसका सिर्फ अकाऊंट इस्तेमाल किया गया था। जोकि आरोपी धर्मेद्र कुमार ने उसके अकाऊंट की डिटेली ली थी।
पुलिस को पता चला कि आरोपी राजस्थान में जयपुर में है। पुलिस की एक टीम जयपुर पहुंच गई। मगर आरोपी से वहां से निकल चुका था। फिर वहां से पता चला कि आरोपी हरियाणा के रेवाड़ी इलाके में है। इसके बाद पुलिस राजस्थान से होते हुए रेवाड़ी पहुंच गई। जहां पुलिस ने छापेमारी कर सबसे पहले आरोपी धर्मेद्र को दबोच लिया था। उससे पूछताछ मैं पता आरोपी पंकज और चंद्र मोहन उसके साथी है। जोकि उनके कहने पर काम करता था। अब पुलिस ने दोनों आरोपियों को राजस्थान से पकड़ लिया है। आरोपियों से पता चला है कि साइबर ठगी के मास्टरमाइंड सतीश कुमार, वरूण और अभीषेक है। जोकि कभी हरियाणा, राजस्थाना और कभी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रहकर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करते है। पुलिस का कहना है कि अब बाकी आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।
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