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पहले पार्टी तोड़ी और अब घर तोड़ रहे हैं… बड़ी मां से मिलकर चिराग ने चाचा पशुपति पर लगाया आरोप

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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान शुक्रवार को अपने पैतृक गांव खगड़िया स्थित शहरबन्नी पहुंचे, जहां वह अपनी बड़ी मां राजकुमारी देवी से मिले और उनका हालचाल जाना. उसके बाद चिराग पासवान मीडिया से बात करते हुए अपने चाचा पशुपति कुमार पारस और चाची पर खूब बरसे. बता दें कि रामविलास पासवान के निधन के बाद लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) दो हिस्सों में बंट गई है. लोजपा-रामविलास का नेतृत्व चिराग पासवान कर रहे हैं, जबकि रालोजपा का नेतृत्व पशुपति कुमार पारस कर रहे हैं.

चिराग पासवान ने कहा कि अपनी राजनीतिक और आर्थिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए मेरे चाचा और चाची मेरे परिवार को अपमानित कर रहे हैं. पहले मुझे दिल्ली वाले आवास से निकाला गया. अब मेरी बड़ी मां को पैतृक गांव के आवास से निकाला गया.

उन्होंने कहा किमेरी चाची अगर बंटवारा करना चाहती हैं तो वो करें, लेकिन ऐसे साझा संपतियों का भी बंटवारा हो जिसका मेरे चाचा ने मुझे अभी तक नहीं बताया हैं. मेरी बड़ी मां को अपमानित करने के लिए घर से समान निकला गया. यह सब जानकर काफी दुख होता है.

चिराग पासवान ने बड़ी मां से की मुलाकात, कही ये बात

चिराग पासवान ने बड़ी मां से मुलाकात की. उसके बाद फेसबुक पर लिखा किपापा की जन्मभूमि “शहरबन्नी” में अपनी बड़ी मां से मुलाकात किया, उनके स्वास्थ की जानकारी ली और आशीर्वाद भी प्राप्त किया.

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से परिवार के ही कुछ सदस्यों द्वारा जो उम्र और अनुभव में मुझसे काफी बड़े है और आर्थिक महत्वकांक्षा की आड़ में मेरी बड़ी मां को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है जो कतई स्वीकार नहीं है. आने वाले दिनों में सबको माकूल जवाब मिलेगा.

राजकुमार देवी ने बंटवारे की मांग की थी

खगड़िया के शहरबन्नी गांव में रामविलास पासवान का पैतृक घर है. आरोप है कि पशुपति कुमार पारस और दिवंगत रामचंद्र पासवान की पत्नियों ने उस घर के कमरों में ताला मार दिया है. उसके बाद से रामविलास की पहली पत्नी राजकुमारी देवी बहुत ही बीमार हैं. राजकुमारी देवी ने चिराग पासवान से कहा था कि वह खगड़िया आएं और संपत्तियों का बंटवारा करें.

बातचीत के दौरान राजकुमारी देवी काफी भावुक हो गईं और उनके आंखों से आंसू निकल गए. चिराग पासवान ने भी इस अवसर पर कहा कि दिल्ली से लेकर शहरबन्नी तक की संपत्तियों का बंटवारा होना चाहिए.

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