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काल भैरव मंदिर में गोविंदा की पत्नी सुनीता ने की पूजा, मच गया बवाल; लोग बोले- भेदभाव वाला दर्शन

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बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा अपना जन्मदिन मनाने के लिए रविवार को धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंची थी, जहां उन्होंने काल भैरव मंदिर के गर्भगृह में पहुंचकर भगवान का विशेष पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद लिया था. सुनीता आहूजा काल भैरव के दर्शन कर उज्जैन से जा चुकी है, लेकिन अब उनके गर्भगृह में पहुंचकर पूजा करने का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर मंदिर की दर्शन व्यवस्था पर कई सवाल उठाने शुरू हो गए हैं.

मंदिर की दर्शन व्यवस्था पर सवाल उठने पर काल भैरव मंदिर की प्रशासक संध्या मार्कण्डे ने इस बात को माना है कि सुनीता आहूजा को प्रोटोकॉल के तहत गर्भगृह मे दर्शन कराए गए, लेकिन गर्भगृह में फोटो वीडियो बनाने की अनुमति नहीं थी. इसके बावजूद भी नियमों का उल्लंघन किया गया जिसके तहत अब दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हम लोग प्रोटोकॉल के तहत श्रद्धालु ही नहीं बल्कि आम श्रद्धालुओं को अच्छे से अच्छे दर्शन हो इस पर भी ध्यान देते है.

काल भैरव मंदिर में दर्शन व्यवस्था पर उठे सवाल

हालांकि, कभी-कभी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने पर अव्यवस्थाएं भी हो जाती हैं. काल भैरव मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर कई सवाल किए जा रहे हैं क्योंकि आम श्रद्धालु मंदिर के बाहर घंटों तक रेलिंग में खड़े रहते हैं और जब काफी मशक्कत करने के बाद जैसे-तैसे भगवान के दर्शन करने पहुंचते हैं तो महज कुछ सेकंड में ही उन्हें यहां से आगे की और बढ़ा दिया जाता है. जिससे कई बार तो श्रद्धालु ठीक से भगवान के दर्शन भी नहीं कर पाते हैं.

अभिनेता गोविंदा की पत्नी का गर्भगृह में पूजा का वीडियो वायरल

आम श्रद्धालुओं के लिए भगवान काल भैरव के दर्शन करना लगभग 2 घंटे का काम है, लेकिन प्रोटोकॉल में वीआईपी श्रद्धालु महज 5 से 10 मिनट में गर्भगृह में जाकर न सिर्फ काल भैरव की पूजा-अर्चन करते हैं बल्कि उन्हें मदिरा का भोग भी लगाते हैं. गोविंदा की पत्नी सुनीता की एक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चन करती हुई नजर आ रही है. इस वीडियो पर लोगों पर की भारी नाराजगी देखी जा रही है. इस वीडियो को देखते हुए लोग काल भैरव मंदिर प्रशासन पर भेदभाव के आरोप लगा रहे हैं.

श्रद्धालुओं का क्या कहना है?

श्रद्धालुओं का सीधे तौर पर यही कहना है कि जब आम श्रद्धालुओं को भगवान काल भैरव के दर्शन के लिए घंटों तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है. धक्के खाने पड़ते हैं और बड़ी परेशानी झेलने के बाद महज एक सेकंड के लिए ही काल भैरव भगवान के दर्शन करने दिए जाते हैं. तो जिम्मेदार प्रोटोकॉल की व्यवस्था की तरह ही आम श्रद्धालुओं के लिए भी कोई ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं करते जिससे कि श्रद्धालु भी आसानी से भगवान काल भैरव के दर्शन कर सके.

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