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हिंदी VS मराठी मुद्दा बिहार चुनाव के लिए है… रोहित पवार का BJP पर आरोप

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महाराष्ट्र में हिंदी बनाम मराठी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. इसे बीजेपी समेत अन्य दलों के नेताओं के बयान आगे बढ़ा रहे हैं. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की पोस्ट और भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और बीजेपी सांसद दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ के तीखे बयानों पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. पहले निरहुआ ने कहा कि मैं मराठी नहीं बोलता, अगर किसी में हिम्मत है तो मुझे महाराष्ट्र से बाहर निकाल कर दिखाए. इस पर NCP (शरद पवार गुट) विधायक रोहित पवार ने कहा है कि अगर आप मराठी भाषा का अपमान करते हैं तो लिए हम आपको दिखाएंगे. यह जानबूझकर बीजेपी के बड़े नेता ऊपर से आदेश दे रहे हैं. इसी वजह से इस तरह की बातें सामने आ रही है. बिहार चुनाव का मुद्दा है तो हिंदी VS मराठी करने की इनकी आदत है.

महाराष्ट्र में हाल ही में भाषा को लेकर विवाद सामने आने के बाद कुछ व्यापारियों के मराठी न बोल पाने के चलते उनके साथ मारपीट की घटनाए हुईं. मामले पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि मराठी तो बोलनी ही होगी उनके इस बयान के बाद निरहुआ ने कहा, ‘मैं भोजपुरी भाषी हूं और मुझे इस पर गर्व है. मैं महाराष्ट्र में रहूंगा और अपनी मातृभाषा नहीं छोड़ूंगा. गरीब और मेहनतकश लोगों को निशाना बनाना गलत है. अगर हिम्मत है तो मुझे बाहर निकालें. मैं चैलेंज कर रहा हूं.

‘हिम्मत है तो महाराष्ट्र में उर्दू भाषियों को मार कर दिखाओ’

वहीं इस मुद्दे पर निशिकांत दुबे ने एक्स पर लिखा कि अपनी गली में कुत्ता भी शेर होता है. उन्होंने लिखा कि हिंदी भाषी लोगों को मुंबई में मारने वालों में यदि हिम्मत है तो महाराष्ट्र में उर्दू भाषियों को मार कर दिखाओ. अपने घर में तो कुत्ता भी शेर होता है? कौन कुत्ता कौन शेर खुद ही फैसला कर लो.

‘मनसे वाले लोगों से जाति-धर्म पूछकर उन्हें मार रहे’

इस पर कांग्रेस विधायक ज्योति गायकवाड़ ने कहा कि ये मराठी भाषा का अपमान है. इस तरह की बयानबाजी करना बहुत गंदी राजनीति है. महाराष्ट्र में रहना है तो मराठी बोलना और सीखना ही पड़ेगा. इसी मुद्दे पर भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि वो अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों को मानने वाले नेता हैं. वो ऐसे किसी भी बातों को समर्थन नहीं देंगे लेकिन महाराष्ट्र में मराठी का आदर्श है. आशीष शेलार ने मारपीट की घटनाओं की तुलना पहलगाम आतंकी हमले से की. यह भी सच है की मनसे वाले लोगों से जाति-धर्म पूछकर उन्हें मार रहे हैं.

इस विषय पर समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने कहा, ‘बीजेपी चुनाव के मुद्दे पर इस तरह से बयानबाजी कर रही है. महाराष्ट्र में बीएमसी (BMC) चुनाव है. इस वजह से मराठी हिंदी का मुद्दा लाया जा रहा है. अगर इन्हें मराठी सीखने का इतना ही शौक है, तो आज तक इन्होंने क्या किया? कौन से इन्होंने मराठी सीखने की सेंटर खोल रखा है?’

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