पूर्णिया कांड का असली ‘विलेन’, तांत्रिक ही बन गया तांत्रिक का दुश्मन, कैसे गांववालों को भड़काया? पूरी कहानी
पूर्णियां के टेटगामा गांव में पांच लोगों को जिंदा जलाने की घटना ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है. इस हत्याकांड से टेटगामा के आसपास के 23 गांवों के ग्रामीणों में दहशत फैल गई है. इस घटना पर कोई कुछ नहीं बोल रहा है. आसपास के गांववालों और जनप्रतिनिधियों से पुलिस ने पूछताछ का प्रयास भी किया, मगर कोई सफलता हाथ नहीं लगी.
मृतक बाबू लाल उरांव तंत्र-मंत्र का काम करता था. भीड़ ने बाबूलाल और उसके परिवार के चार सदस्यों की जिंदा जलाकर हत्या कर दी. घर की दो महिलाओं पर डायन होने का आरोप लगाया. इस हत्याकांड को क्यों अंजाम दिया गया, पहले जान लेते हैं इसकी पूरी वजह.
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