सावन का पावन महीना शुरू हो चुका है और इस महीने का हर दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। आमतौर पर लोग सावन में सोमवार को शिव पूजा के लिए विशेष महत्व देते हैं, लेकिन शनिवार का दिन भी कम महत्वपूर्ण नहीं होता, खासकर जब यह दिन शनि देव से जुड़ा हो। इस बार सावन का पहला शनिवार 12 जुलाई को पड़ा है और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है, वरना शनि देव रुष्ट हो सकते हैं और घर में दरिद्रता व क्लेश का वास हो सकता है।
इन चीज़ों को करने से करें परहेज़:
लोहे की चीजें न खरीदें
शास्त्रों के अनुसार सावन के पहले शनिवार को लोहे से बनी वस्तुएं जैसे कील, बर्तन, औजार आदि नहीं खरीदने चाहिए। इससे शनि दोष बढ़ता है।
चमड़े से बनी चीजों से दूरी बनाएं
इस दिन जूते, बेल्ट, पर्स जैसे चमड़े से बनी चीजों की खरीदारी करने से परहेज़ करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है।
तेल की खरीदारी से बचें
शनिवार के दिन शनि देव को तेल अर्पित किया जाता है, इसलिए इस दिन तेल की खरीदारी वर्जित मानी जाती है।
नमक लाना भी मना है
मान्यता है कि शनिवार को नमक खरीदने से घर में विवाद और आर्थिक तंगी हो सकती है।
नुकीली चीज़ों से रखें परहेज़
चाकू, सूई, तलवार जैसे धारदार वस्तुएं इस दिन घर में लाना अशुभ होता है। ये ऊर्जा संतुलन को बिगाड़ सकती हैं।
तुलसी, बेलपत्र या पीपल के पत्ते तोड़ना भी शनिवार को मना है। यदि पूजा के लिए इनकी आवश्यकता हो, तो इन्हें एक दिन पहले ही तोड़ लेना उचित रहेगा।
उपाय के रूप में करें ये कार्य:
इस दिन शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
काले तिल और उड़द दान करें।
गरीबों को भोजन कराएं या काले कपड़े दान करें।
शनि चालीसा का पाठ करें या “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें।
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