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UGC का Universities और कॉलेजों को सख्त आदेश, माननी ही होगी ये Guidelines

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लुधियाना: कॉलेजों के नया सत्र शुरू होने वाला है और यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यू.जी.सी.) ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले देशभर की यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों को चेताया है कि अब कैंपस को रैगिंग मुक्त बनाना सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि अनिवार्य कार्रवाई है।

छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसी भी कॉलेज या युनिवर्सिटी ने एंटी-रैगिंग गाइडलाइंस को नजरअंदाज किया तो उसकी ग्रांट रोकी जा सकती है। यू.जी.सी. के एक अधिकारी ने कहा है कि शारीरिक, मानसिक या डिजिटल किसी भी तरह की रैगिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौखिक अपमान, सामाजिक बहिष्कार की धमकी, जबरन वेशभूषा बदलवाना या बाल कटवाने को मजबूर करना, यहां तक कि व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया ग्रुप के जरिए नए छात्रों को मानसिक रूप से परेशान करना भी रैगिंग की श्रेणी में आएगा।

हर छात्र से लेनी होगी एंटी-रैगिंग अंडरटेकिंग
यू.जी.सी. ने निर्देश दिए हैं कि सभी संस्थानों को नए और पुराने छात्रों से एंटी-रैगिंग अंडरटेकिंग अनिवार्य रूप से लेनी होगी। इसके अलावा यूनिवर्सिटीज को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी अनऑफिशियल ग्रुप नए छात्रों को परेशान करने के लिए न बने।

89 संस्थानों को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
यू.जी.सी. ने हाल ही में 89 उच्च शिक्षा संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि एंटी-रैगिंग नियमों के बावजूद उन्हें अब तक क्यों लागू नहीं किया गया। नोटिस में कहा गया है कि अगर समय रहते दिशा-निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो वित्तीय सहायता रोकी जा सकती है। सभी संस्थानों से यह अपेक्षा की गई है कि वे कैंपस में एंटी-रैगिंग सैल सक्रिय करें, जागरूकता फैलाएं और रैगिंग के हर रूप पर तत्काल कार्रवाई करें।

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