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हिमाचल के 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भूस्खलन का खतरा, 192 सड़कें ठप… मंडी जिले में सबसे ज्यादा नुकसान

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हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. रुक-रुक हो रही बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं हो रही है. राज्य में मंडी जिला मानसून से होने वाली घटनाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित है. यहां लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए आफत बन रही है. बारिश के चलते भूस्लखन के कारण सोमवार को चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर 12 घंटों तक आवागम पूरी तरह ठप रहा. इससे हाईवे के दोनों ओर गाड़यों की लंबी कतारा लग गई. लोग 12 घंटे तक भूखे प्यासे रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे. फिलहाल लोक निर्माण विभाग ने हाईवे पर आवागमन बहाल कर दिया है.

मंडी प्रशासन ने सावधानी के साथ गाड़ी चलाने को कहा है. उन्होंने बताया की भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ. जिला प्रशासन हाईवे पर भूस्खलन के चलते बीच-बीच में गाडियों को रोक रही है, ताकि कोई अनहोनी न हो. मनाली-रोहतांग की तरफ जाने वाले टूरिस्ट भी जाम में फंस रहे है. बताया जा रहा लैंड स्लाइड के चलते 192 सड़के पर आवागमन प्रभावित है.

इन जिलों में भारी बारिश अलर्ट

मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों में से 10 जिलों में भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने चम्बा, कुल्लू, शिमला, सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर, यूएनए में बारिश का येलो अलर्ट, जबकि सिरमौर, मंडी और कांगड़ा में भारी बारिश को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

आने वाले दिनों में भी प्रदेश की हालत सुधरती नहीं दिख रही है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.

हादसों में 98 लोगों ने गवाई जान

प्रदेश में मानसूनी बारिश के चलते हादसों में 98 लोगों की अपनी जान गवाई है और 35 लोग लापता है. अब तक 178 लोग घायल हुए हैं. मंडी जिले में सबसे ज्यादा 21 लोग की मौत हुई है. अन्य जिलों की बात करें तो कांगड़ा में 14, कुल्लू में 10, चंबा मे 9, हमीरपुर में 8 और बिलासपुर में 7 लोगों की मौत हो चुकी है.

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