Local & National News in Hindi

अनिल अंबानी की इस कंपनी का गेमचेंजर प्लान! क्या शेयर बनेंगे मल्टीबैगर?

6

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर एक बार फिर सुर्खियों में है. मुश्किल दौर से उबरते हुए कंपनी ने अपने अगले बड़े कदम की तैयारी कर ली है. बुधवार को कंपनी के बोर्ड ने 6,000 करोड़ रुपये जुटाने की मेगा योजना को हरी झंडी दे दी. यह फैसला बाजार बंद होने के बाद हुई बोर्ड मीटिंग में लिया गया, जिसकी जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दे दी गई है. कंपनी इस फंड से अपने बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की रणनीति बना रही है. क्या यह प्लान रिलायंस पावर के शेयरों को मल्टीबैगर बनने का रास्ता खोलेगा?

6,000 करोड़ का मेगा फंडरेजिंग प्लान

रिलायंस पावर ने अपने अगले ग्रोथ फेज के लिए कमर कस ली है. कंपनी ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) और अन्य तरीकों से 6,000 करोड़ रुपये जुटाने का फैसला किया है. इसके अलावा, बोर्ड ने 3,000 करोड़ रुपये तक के सिक्योर्ड या अनसिक्योर्ड, रिडीमेबल, नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने को भी मंजूरी दी है. ये डिबेंचर एक या एक से ज्यादा किस्तों में प्राइवेट प्लेसमेंट या अन्य तरीकों से जारी किए जाएंगे. कंपनी जल्द ही अपनी बिजनेस स्ट्रैटेजी शेयर कर सकती है, जिसमें इस फंड के इस्तेमाल की पूरी रूपरेखा सामने आएगी.

शेयरों में तूफानी तेजी, 130% का रिटर्न

रिलायंस पावर के शेयरों ने हाल के दिनों में निवेशकों को मालामाल किया है. बुधवार को शेयर 2.40% की तेजी के साथ 66.09 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का मार्केट कैप 27,330 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. पिछले 6 महीनों में शेयर ने 60% का शानदार रिटर्न दिया है, जबकि पिछले एक साल में यह 130% की उछाल के साथ मल्टीबैगर बन चुका है. इस दौरान बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी ने क्रमशः 2.5% और 2.4% का रिटर्न दिया, जिसके मुकाबले रिलायंस पावर का प्रदर्शन कहीं बेहतर रहा है. साल 2025 में अब तक यह स्टॉक 48% का रिटर्न दे चुका है.

कर्ज में कमी, बुक वैल्यू में सुधार

रिलायंस पावर ने अपनी फाइनेंशियल सेहत को मजबूत करने में भी कामयाबी हासिल की है. कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.93 तक कम हो गया है, जो पहले के मुकाबले काफी बेहतर है. इसके साथ ही कंपनी की बुक वैल्यू भी 40.7 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गई है, जो 66 रुपये के मौजूदा शेयर प्राइस के मुकाबले निवेशकों के लिए आकर्षक है. कंपनी को हाल ही में कुछ नए ऑर्डर भी मिले हैं, जिससे इसकी ग्रोथ की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं. रिलायंस पावर योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) को इक्विटी शेयर या इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स जारी करके फंड जुटाने की योजना बना रही है. यह फंड कंपनी के कारोबारी विस्तार और नए प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए इस्तेमाल होगा.

मल्टीबैगर बनने की क्षमता रखता है यह स्टॉक

रिलायंस पावर के इस मेगा फंडरेजिंग प्लान ने निवेशकों में उत्साह बढ़ा दिया है. बाजार के जानकारों का कहना है कि कंपनी की बेहतर फाइनेंशियल स्थिति, कर्ज में कमी और नए प्रोजेक्ट्स के ऑर्डर शेयर की तेजी को और हवा दे सकते हैं. हालांकि, बुधवार को शेयर में थोड़ा करेक्शन भी देखने को मिला, लेकिन लॉन्ग टर्म में यह स्टॉक मल्टीबैगर बनने की क्षमता रखता है. निवेशकों को कंपनी की बिजनेस स्ट्रैटेजी और प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.