Local & National News in Hindi

ऑप्शन ट्रेडिंग का बढ़ रहा है चलन, 20-20 साल के लड़कों को लगा है चस्का

3

शेयर मार्केट में निवेश करने का तरीका दिन-प्रतिशत चेंज होता जा रहा है. कुछ सालों पहले लोग सिर्फ और सिर्फ एसआईपी और स्टॉक में पैसा लगाकर कमाई करते थे. लेकिन अब ऑप्शन ट्रेडिंग के जरिए निवेश मार्केट में पैसा लगा रहे हैं, जिसे F&O भी कहते हैं. इसमें 20-20 साल के युवाओं की संख्या भी खूब है. उनको इसका चस्का लग जा रहा है. क्योंकि, इसमें ज्यादातर लोगों को नुकसान ही होता है.

मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, युवा पीढ़ी अब इस ट्रेडिंग पैटर्न का खूब इस्तेमाल कर रही है. क्योंकि अब हर चीज ‘ऑन-डिमांड’ करने के लोग आदी हो गए हैं. एसआईपी के जरिए निवेश करके 25 साल इंतजार करना अब मुश्किल हो गया है. वहीं, ऑप्शंस की ओर रुख करने की एक बड़ा कारण यह है कि इसमें लाखों रुपयों की जरूरत नहीं है. कुछ सौ रुपयों से आप शुरुआत कर सकते हैं.

क्यों बढ़ रहा है ऑप्शन ट्रेडिंग में इंटरेस्ट

अब लोग म्यूचुअल फंड में 5,000 रुपये डालकर लंबा इंतजार करने की बजाय सोच रहे हैं: “क्या मैं खुद ट्रेडिंग सीख सकता हूँ?” वे अपनी स्ट्रैटेजी को अगली एक्सपायरी में टेस्ट करना चाहते हैं. ये पारंपरिक निवेश को नकारना नहीं, बल्कि ज़्यादा एक्टिवली पार्टिसिपेट करने की चाहत है. आजकल प्लेटफॉर्म्स ने ऑप्शंस चेन, स्ट्रैटेजी डायग्राम और बैकटेस्टिंग टूल्स को इतना आसान कर दिया है कि कोई भी शुरू कर सकता है. इसमें सोशल मीडिया भी इसमें बड़ा रोल प्ले कर रहा है. इंस्टाग्राम रील्स, जैसे कि मैंने ऑप्शंस में ₹600 कैसे कमाए, लाखों व्यूज पा रही हैं. टेलीग्राम ग्रुप रोज सपोर्ट-रेजिस्टेंस लेवल और एक्सपायरी बेट्स शेयर करते हैं. यूट्यूब चैनल्स ऑप्शंस स्ट्रैटेजी को सिंपल हिंदी, हिंग्लिश या रीजनल लैंग्वेज में समझाते हैं. हालांकि सारी इन्फॉर्मेशन भरोसेमंद नहीं होती, लेकिन ये युवा भारतीयों को ट्रेडिंग की दुनिया में ला रही है.

इसमें है जोखिम

लाइव मिंट के अनुसार, सेबी के एक अध्ययन से पता चला है कि 10 में से 9 व्यक्तिगत F&O ट्रेडर्स पैसा गंवा देते हैं. हालांकि, कुछ युवा ट्रेडर्स ऐसे भी हैं, जो इसे जुआ की तरह नहीं करते हैं. वह सिर्फ और सीखने के मकसद के लिए ऑप्शन में ट्रेड करते हैं. उनके लिए यह सही हो सकता है. लेकिन, अगर जो कमाई के लिए इसका यूज करते हैं उनके लिए खतरा है. सेबी के डेटा को ही ध्यान से देखें तो जो एक बात क्लीयर होती है कि यह निवेश का तरीका कतई सेफ नहीं है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.