जम्मू-कश्मीर में एक मामला सामने आया है. जम्मू-कश्मीर के पुलिस कांस्टेबल के साथ टॉर्चर हुआ. इसी के बाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद कांस्टेबल ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (21 जुलाई, 2025) को फैसला सुनाते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को कांस्टेबल को हिरासत में प्रताड़ित करने के मामले की जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया है.
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने जम्मू-कश्मीर सरकार को निर्देश दिया कि वो खुर्शीद अहमद चौहान को उनके साथी राज्य कार्यकर्ताओं की हिरासत में “जानलेवा चोटों” के लिए 50 लाख रुपये का मुआवजा दे. कोर्ट ने केंद्रीय एजेंसी को जांच करने और अपराधियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया.
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