मलोट: 2 भाइयों के बीच झगड़ा सुलझाने गए एक पड़ोसी युवक को धारदार हथियार से घायल कर दिया गया। घायल युवक की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई, जिसके बाद लंबी पुलिस ने मृतक के पिता के बयानों पर मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में चरणजीत कौर पत्नी सखराज सिंह वासी लंबी ने बताया कि 12 जुलाई की रात 10:30 बजे थे। वह अपने घर पर थी। तभी पड़ोसी गुरतेज सिंह की पत्नी उसके पास आई और बोली कि उसका बेटा हरजीत सिंह जीती उसके छोटे भाई को पीट रहा है। आप आकर उसके बेटे को बचा लीजिए। चरणजीत कौर का कहना है कि गुरतेज सिंह के घर पर झगड़े होते रहते थे और वे पड़ोसी होने कारण झगड़ा सुलझाने के लिए जाते थे। उस रात भी वह दोनों भाइयों के बीच झगड़ा सुलझाने के लिए अपने घर से निकली थी। साथ ही उसका बेटा नवदीप सिंह उर्फ अर्शदीप भी उसके साथ गया था। उन्होंने देखा कि जीती उसके छोटे भाई को पीट रहा था। जिस पर अर्शदीप ने दोनों भाइयों को लड़ने से रोका और अपने छोटे भाई को जीती से छुड़ाया।
इस पर हरजीत सिंह जीती गुस्से में आ गया और कमरे के अंदर चला गया। अंदर से वह एक तेजधार गांडासा लाया और अपने बेटे अर्शदीप के सिर पर जोर से वार कर दिया। अर्शदीप गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले बादल और फिर एम्स बठिंडा ले जाया गया। जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए न्यूरोलॉजिस्ट ने उसे एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया।
जहां रविवार देर रात उसकी मौत हो गई। इस संबंध में लंबी के मुख्य अधिकारी इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने पहले मृतक के पिता सुखराज सिंह पुत्र चानण सिंह के बयानों पर हरजीत सिंह जीती विरुद्ध तेजधार हथियार से हमला करने सहित अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया था। 20 जुलाई को इलाज के दौरान अर्शदीप की मौत हो गई। जिसके बाद लंबी पुलिस ने उपरोक्त मामले में हत्या के संगीन आरोप के तहत जुर्म बढ़ा दिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी हरजीत सिंह जीती को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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