ईरान-इजराइल के बीच 12 दिन चली जंग को खत्म हुए भले ही एक महीना बीत गया हो, मगर इससे जुड़े नुकसान की रिपोर्ट्स अब सामने आने लगी हैं. इस जंग में सिर्फ ईरान इजराइल का ही नुकसान नहीं हुआ है. इजराइल का सबसे बड़ा सहयोगी अमेरिका भी भारी नुकसान झेल चुका है. जंग के आखिरी दिनों में अमेरिका ने खुलकर इजराइल का साथ दिया, ईरान पर बम बरसाए और अपने एडवांस्ड इंटरसेप्टर सिस्टम तैनात किए.
लेकिन वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट्स में सामने आ रहा है कि इस मदद की कीमत अमेरिका को कितनी भारी पड़ी है. इजराइल को ईरान की मिसाइलों से बचाते-बचाते अमेरिका ने अपने मिसाइल भंडार का एक बड़ा हिस्सा झोंक दिया. करीब 25% इंटरसेप्टर मिसाइलें खर्च हो गईं. और अब उन्हें दोबारा तैयार करने में लगेगा कम से कम एक साल और खर्च होंगे करीब 2 अरब डॉलर.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.