Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
MIDI Health Analysis: Honest Understanding of Profiles and Experts in 2026 ‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म...

Punjab में हड़ताल की घोषणा, घर से बाहर निकलने से पहले पढ़ें पूरी खबर

चंडीगढ़: पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (पी.आर.टी. सी.), पनबस और पंजाब रोडवेज काट्रैक्ट यूनियन 28 जुलाई को एक बार फिर से राज्यभर की सरकारी बसों का चक्का जाम कर सकते हैं। दिलचस्प है कि 27 जुलाई को यदि यूनियन की मांगों पर पंजाब सरकार ने गंभीरता से विचार नहीं किया तो यूनियन की ओर से पहले से घोषित हड़ताल 28 जुलाई से शुरू हो जाएगी।

दिलचस्प है कि 9 जुलाई को राज्य भर में एक दिन सरकारी बसों का चक्का जाम रहने से पंजाब के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी और पंजाब सरकार ने बिना किसी देरी के यूनियन नेताओं से बातचीत कर हड़ताल समाप्त कर उनसे बातचीत शुरू की। 9 जुलाई 2025 को ही पंजाब ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत भुल्लर ने उन्हें मांगों संबंधी आश्वासन दिया था। मगर 11 दिन बीतने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

हालांकि यूनियन नेताओं को उम्मीद है कि पंजाब सरकार उन्हें बातचीत के लिए 27 जुलाई को बुला सकती है लेकिन यदि पंजाब सरकार ने यूनियन को बातचीत के लिए नहीं बुलाया तो यूनियन के पास राज्य भर में सरकारी बसों का चक्का जाम करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं रह जाएगा।
यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रेशम सिंह पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि इस बार की हड़ताल मांगें पूरा होने तक जारी रहने वाली है, लेकिन पंजाब सरकार के रवैये से साफ है कि वह यूनियन नेताओं की ओर से पेश की गई किसी भी मांग को पूरा करने की स्थिति में नहीं है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.