चंडीगढ़: पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (पी.आर.टी. सी.), पनबस और पंजाब रोडवेज काट्रैक्ट यूनियन 28 जुलाई को एक बार फिर से राज्यभर की सरकारी बसों का चक्का जाम कर सकते हैं। दिलचस्प है कि 27 जुलाई को यदि यूनियन की मांगों पर पंजाब सरकार ने गंभीरता से विचार नहीं किया तो यूनियन की ओर से पहले से घोषित हड़ताल 28 जुलाई से शुरू हो जाएगी।
दिलचस्प है कि 9 जुलाई को राज्य भर में एक दिन सरकारी बसों का चक्का जाम रहने से पंजाब के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी और पंजाब सरकार ने बिना किसी देरी के यूनियन नेताओं से बातचीत कर हड़ताल समाप्त कर उनसे बातचीत शुरू की। 9 जुलाई 2025 को ही पंजाब ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत भुल्लर ने उन्हें मांगों संबंधी आश्वासन दिया था। मगर 11 दिन बीतने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
हालांकि यूनियन नेताओं को उम्मीद है कि पंजाब सरकार उन्हें बातचीत के लिए 27 जुलाई को बुला सकती है लेकिन यदि पंजाब सरकार ने यूनियन को बातचीत के लिए नहीं बुलाया तो यूनियन के पास राज्य भर में सरकारी बसों का चक्का जाम करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं रह जाएगा।
यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रेशम सिंह पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि इस बार की हड़ताल मांगें पूरा होने तक जारी रहने वाली है, लेकिन पंजाब सरकार के रवैये से साफ है कि वह यूनियन नेताओं की ओर से पेश की गई किसी भी मांग को पूरा करने की स्थिति में नहीं है।
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