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कानपुर: ATM की रीसायकल मशीन में किया खेला, उड़ा डाले 1.39 करोड़… कंपनी का कर्मचारी भी था शामिल

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उत्तर प्रदेश के कानपुर की किदवई नगर पुलिस ने एटीएम की कैश रीसायकल मशीन (सीआरएम ) से छेड़छाड़ कर 1 करोड़ 39 लाख रुपए गायब करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. 21 मार्च से 24 अप्रैल के बीच किदवई नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम की सीआरएम मशीन से छेड़छाड़ करके यह रुपए पार किए गए थे.

इसकी रिपोर्ट बैंक में नगदी जमा करने वाली हिताची कंपनी के मैनेजर घनश्याम ओमर ने थाने में दर्ज कराई थी. पुलिस ने अपनी जांच में एटीएम की फुटेज से आरोपियों की पहचान की और उनको गिरफ्तार किया. डीपी साउथ दीपेंद्र चौधरी ने आरोपियों की गिरफ्तारी और रिकवरी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि सीसीटीवी फुटेज के जरिये मकसूदाबाद का रहने वाला दीपक जायसवाल पुलिस के हाथ लगा.

कंपनी के कस्टोडियन ने सब उगला

पुलिस पूछताछ में दीपक जायसवाल ने बताया कि वो कंपनी में कस्टोडियन का काम करता था. उसने बताया कि देवकी नगर के रहने वाले उसके साथी विपिन दीक्षित, सीओडी कॉलोनी निवासी आशीष त्रिपाठी और दो अन्य सगे भाई अंकित व आशीष इस घटना में शामिल थे. इसके बाद सभी को कानपुर पुलिस ने दबोच लिया और उनके पास से 11 लाख रुपए नकद और सोने की चेन बरामद की, जो सीआरएम मशीन से निकल गए पैसों से खरीदी गई थी.

अब तक 38 लाख रुपए कि बरामदगी

पुलिस ने बताया कि कैश जमा निकासी मशीन से पार हुए करोड़ों रुपयों के पीछे कंपनी का ही कर्मचारी शामिल था. रविवार को इन सभी आरोपियों को पुलिस ने रिमांड पर लिया और अब तक 38 लाख रुपए कि बरामदगी कर ली है. डीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि किदवई नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद कानपुर पुलिस ने एटीएम की सीसीटीवी फुटेज निकाली, जिसमें मकसूदाबाद का रहने वाला दीपक जायसवाल दिखाई पड़ा. वो कंपनी में ही कस्टोडियन का काम करता था. इसके बाद उसको हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई.

पूछताछ के दौरान उसने अपने अन्य साथी आरोपियों के नाम भी बता दिए. फिर एक-एक करके सभी को दबोचा गया. साथ ही उनके पास मौजूद नगद रुपए बरामद किए गए. पहले चरण में आरोपियों के पास से 16 लाख की रिकवरी हुई. फिर जेल से रिमांड पर ले जाने के बाद 11 लाख 80 हजार रुपए और बरामद किए गए. साथ ही एटीएम से निकाले गए पैसों से खरीदे गए सोने के आभूषण भी पुलिस ने बरामद किए हैं.

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