चिराग पासवान का मूड साफ नजर नहीं आ रहा है. वह कानून-व्यवस्था को लेकर बिहार में नीतीश कुमार की सरकार पर लगातार हमला बोल रहे हैं. 2 दिन पहले चिराग ने तल्ख लहजे में कहा कि बिहार में हालात भयावह हो गए हैं. यह टिप्पणी इसलिए मायने रखती है क्योंकि उनकी पार्टी सरकार में सहयोगी की भूमिका में है. वहीं चिराग रणनीतिकार से राजनीति में आए प्रशांत किशोर की तारीफ करते नजर आते हैं और उनकी ईमानदार भूमिका की सराहना भी करते हैं.
वह खुद केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन बात जब बिहार की आती है तो वह बागी तेवर अपना लेते हैं. वो ऐसे समय में नीतीश कुमार सरकार पर लगातार हमला बोल रहे हैं, जब वहां पर कुछ महीने बाद चुनाव होने हैं. चिराग की लोक जनशक्ति पार्टी नीतीश की अगुवाई में ही बिहार में चुनाव लड़ने की बात कह रही है. लेकिन उनका मिजाज इससे अलग हैं. वह कानून-व्यवस्था को सही रखने के लिए नीतीश सरकार को नसीहत भी देते हैं. तो क्या ऐसा मान लिया जाए कि वो किसी खास योजना पर काम कर रहे हैं. कहीं वह 5 साल पहले वाले अपने ही पुराने मिशन मोड पर जाने की तो नहीं सोच रहे?
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.