सीएम मोहन ने लिया बाढ़ के हालातों का जायजा, जवानों ने 2900 लोगों को किया रेस्क्यू, मदद करने वालों का होगा सम्मान
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में बाढ़ के हालातों का जायजा लिया। उन्होंने 30 जुलाई को कहा कि कई जिलों से हजारों से लोगों को रेस्क्यू किया गया है। सरकार बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए पूरी तरह तैयार है। दो जिलों में बाढ़ के हालातों से निपटने के लिए रक्षा मंत्रालय के हेलीकॉप्टर मांगे गए हैं। इनकी सुविधा जल्द शुरू हो जाएगी। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि समाज के जो लोग बाढ़ जैसे हालातों में लोगों की मदद कर रहे हैं, उन्हें 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा। हमारी सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए खाने से लेकर कपड़ों तक की व्यवस्था करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज भोपाल स्थित होमगार्ड के बाढ़ आपदा केंद्र के जरिये पूरे प्रदेश के रेस्क्यू सेंटर का निरीक्षण किया। हमने बाढ़ की पूरी हालत देखी और स्थिति को समझा है। जहां-जहां बाढ़ आई है, वहां-वहां हमारे जवानों ने बेहतर काम किया है। मुरैना, दमोह, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी,सागर, विदिशा सहित कई जिलों से करीब 2900 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। हम इन हालातों से पीड़ितों की पूरी मदद करेंगे। सरकार बाढ़ पीड़ितों के रहने-खाने-कपड़ों सहित सारी व्यवस्थाएं करेगी। मौसम का यही माहौल और दो-चार दिन रहने वाला है। हम राज्य में लोगों को अलर्ट कर रहे हैं। लोगों को पूरी तरह सावधान किया गया है कि बहते पानी के पास न जाएं, करेंट से बचें। प्रशासन को अलर्ट किया है कि कच्चे मकानों पर नजर रखी जाए। हमने दो जिलों के लिए रक्षा मंत्रालय से हेलीकॉप्टर की सुविधा मांगी है। वह जल्द मिल जाएगी। अशोकनगर जिले में हालातों से निपटने लखनऊ से राहत बचाव दल आया हुआ है। सब हिम्मत रखें और आपस में संपर्क में रहें। कोई घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार निश्चित रूप से मदद करेगी।
जवानों के हौंसले बुलंद
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि होमगार्ड का जो प्रबंधन केंद्र है, उसकी ट्रेनिंग बहुत अच्छी है। हमने अपने जवानों का काम देखा। वह नाव से बाढ़ प्रभावितों को लेकर आ रहे थे। हमने प्रभावित लोगों से बात की। जवानों से भी बात की। उनके हौसले बुलंद हैं। सब अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने कलेक्टरों से भी कहा है कि समाज के जो लोग बाढ़ हालातों से निपटने और लोगों की मदद कर रहे हैं उनके नाम नोट किए जाएं। सरकार 15 अगस्त को उन्हें सम्मानित करेगी। इससे लोगों को कठिन चुनौती से निपटने की प्रेरणा मिलेगी। मनुष्य ही मनु्ष्य के काम आता है।
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