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A फॉर अखिलेश-D फॉर डिंपल… PDA पाठशाला पर FIR, अखिलेश यादव बोले- ऐसा तो अंग्रेजों ने भी नहीं किया

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उत्तर प्रदेश में अजब-गजब की सियासत चल रही है. सहारनपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के एक स्थानीय नेता के खिलाफ एक ‘पीडीए पाठशाला’ के दौरान बच्चों को कथित तौर पर ‘राजनीतिक वर्णमाला’ (Politicised Alphabets) पढ़ाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है. इस ‘पाठशाला’ में ‘ए’ फॉर अखिलेश, ‘डी’ फॉर डिम्पल और ‘एम’ फॉर मुलायम का ककहरा पढ़ाया जा रहा था और इस वजह से ‘भावनाएं आहत’ होने के आरोप में सपा नेता के खिलाफ देहात कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है.

हालांकि पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले में केस दर्ज किए जाने की निंदा की है. अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) व्योम बिंदल ने कल रविवार को समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि रामपुर मनिहारन क्षेत्र में रहने वाले मेम सिंह ने देहात कोतवाली में तहरीर देकर सपा नेता के फरहाद गाडा पर आरोप लगाया कि वह ‘पीडीए पाठशाला’ में बच्चों को ‘ए’ फॉर एप्पल की जगह ‘ए’ फॉर अखिलेश, ‘बी’ फॉर बॉल की जगह बाबा साहेब, डी फॉर डिंपल और ‘एम’ फॉर मुलायम सिंह यादव का पाठ पढ़ा रहे हैं. इससे लोगों की भावनाएं ‘आहत’ हुई हैं.

केस दर्ज, मामले की जांच शुरू

यह मामला तब सामने आया जब रामनगर में फरहाद गाडा के आवास पर कथित तौर पर एक वीडियो बनाया गया, और यह वीडियो जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस वीडियो में दिख रहे बच्चे कथित तौर पर एक प्राइवेट स्कूल के छात्र थे और स्कूल की वर्दी पहने हुए थे.

एसपी सिटी बिंदल ने बताया कि तहरीर के आधार पर फरहाद गाडा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353 (2) (विभिन्न धार्मिक, जातीय या भाषाई समूहों के बीच शत्रुता, घृणा या दुश्मनी पैदा करने या बढ़ावा देने के इरादे से झूठी जानकारी, अफवाहें या डराने वाली खबरें फैलाना) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(वी) (अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के सदस्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत 10 साल या उससे अधिक की सजा वाले अपराध) के तहत केस दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है.

क्या कह रहे पाठशाला चलाने वाले

केस दर्ज कराने वाले शख्स का आरोप है कि सपा नेता फरहाद ने ‘पीडीए पाठशाला’ के नाम पर जिन बच्चों को यह पाठ पढ़ाया, वे बच्चे किसी प्राइवेट स्कूल से लाए गए थे. बच्चों ने उस स्कूल की ड्रेस भी पहन रखी थी. सपा नेता ने गांव रामनगर में अपने घर पर बनाए पीडीए पाठशाला का वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया और यह जल्द ही वायरल हो गया, इसके बाद से ही इस पर सवाल उठने शुरू हो गए थे.

इस बीच, पीडीए पाठशाला से चर्चा में आए फरहाद गाडा ने अपना बचाव किया और कहा कि “पीडीए पाठशाला” सिर्फ वर्णमाला सिखाने पर केंद्रित नहीं थी, बल्कि इसका मकसद बच्चों को “समाजवादी विचारधारा के महापुरुषों” से परिचित कराना था. उन्होंने जिलेभर में इसी तरह के स्कूल स्थापित करने की अपनी योजना भी जाहिर की.

बीजेपी का शिक्षा विरोधी चेहराः अखिलेश यादव

सपा नेता के खिलाफ एफआईआर पर अखिलेश यादव भड़क गए. उन्होंने एफआईआर को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की. इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “पढ़ाई के लिए तो अंग्रेजों ने भी एफआईआर दर्ज नहीं कराई थी. बीजेपी का शिक्षा-विरोधी चेहरा अब जनता के सामने आ गया है. बीजेपी अब हमेशा के लिए जाएगी. निंदनीय.”

UP में 2 अन्य जगहों पर भी हुई FIR

इसी तरह एक अन्य मामले में भी एफआईआर दर्ज कराई गई है. कानपुर के बिल्हौर ब्लॉक के शाहमपुर गढ़ी गांव में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल के बाहर कथित तौर पर अनधिकृत “पीडीए पाठशाला” चलाने के आरोप में समाजवादी पार्टी की नेता रचना सिंह गौतम के खिलाफ शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कराई गई. एफआईआर को लेकर अधिकारियों ने बताया कि बिल्हौर में “पीडीए पाठशाला” ने आईटी अधिनियम और शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम सहित कई नियमों का उल्लंघन किया. रचना सिंह गौतम ने कथित तौर पर अन्य गांवों में भी इसी तरह के सत्र आयोजित किए थे.

भदोही में भी शिक्षा से जुड़े एक मामले में एफआईआर कराई गई है. पुलिस ने भदोही में एक अन्य सपा नेता समेत एक दर्जन अन्य लोगों पर राज्य सरकार की कम नामांकन वाले स्कूलों के विलय की योजना के विरोध में स्कूली बच्चों को कथित तौर पर शामिल करने के आरोप में मामला दर्ज किया है.

इस एफआईआर में सरकारी परिसर का दुरुपयोग करने, गलत सूचना फैलाने और बच्चों का राजनीतिकरण करने का आरोप शामिल हैं. स्कूल परिसर के पास बच्चों को कथित तौर पर राजनीतिक नारे और सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान से जुड़े संदर्भ पढ़ाए गए.

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