Local & National News in Hindi

2014 और 2019 के बुरे दिनों के बाद इतना डिस्कनेक्ट हूं… आखिर क्यों परेशान हैं जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला?

6

जम्मू-कश्मीर में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है. भारी बारिश की वजह से राज्य में भारी नुकसान हुआ है और सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. तेज बारिश की वजह से लैडस्लाइड से अब तक 30 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुला ने बताया कि राज्य की इंटरनेट सेवाएं बुरी तरह बाधित हो चुकी हैं. उन्होंने कहा कि WhatsApp, X, या कोई भी अन्य ऐप बहुत धीरे काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 2014 और 2019 के बुरे दिनों के बाद से इतना डिस्कनेक्ट महसूस नहीं हुआ.

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश की वजह से 30 लोगों की मौत हो चुकी है. सीएम ने लोगों से घर में ही रहने की अपील की है. सीएम ने राज्य की स्थिति को देखते हुए आपात बैठक की और सभी जिला प्रशासनिक अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया.

जम्मू में इंटरनेट सेवाएं बाधित

सीएम उमर अब्दुल्ला ने एक्स पोस्ट साझा करते हुए बताया कि राज्य में अभी भी लगभग न के बराबर संचार सेवाएं चल रही हैं. उन्होंने कहा कि Jio मोबाइल पर थोड़ा-बहुत डेटा तो आ रहा है, लेकिन फिक्स्ड लाइन वाई-फाई नहीं है, ब्राउजिंग नहीं हो रही है और कोई ऐप काम नहीं कर रहा है. एक्स प्लेटफॉर्म बहुत धीरे खुलता है और व्हाट्सएप भी सिर्फ छोटे टेक्स्ट मैसेज को ही भेज पाता है. उन्होंने कहा कि 2014 और 2019 के बुरे दिनों के बाद से इतना डिस्कनेक्ट महसूस नहीं हुआ.

यहां देखें पोस्ट:

केंद्रीय मंत्री को बताए हालात

सीएम ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री शाह से फोन पर बात कर उन्हें राज्य के हालातों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भारी और लगातार बारिश की वजह से काफी नुकसान हुआ है और सामान्य जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है. सीएम ने बताया कि फोन और डेटा कनेक्टिविटी जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं राज्य की हर स्थिति पर अपनी कड़ी नजर रख रहा हूं और जमीनी स्तर पर तैनात टीमों से लगातार संपर्क कर स्थिति की जानकारी ले रहा हूं.

सीएम ने की आपात बैठक

सीएम उमर अब्दुल्ला ने राज्य की स्थिति देखते हुए आपात बैठक की, जिसमें उन्होंने सभी जिला प्रशासनिक अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया. साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि इससे प्रभावित लोगों को समय पर भोजन, पानी और दवाइयां उपलब्ध हो.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.