नेपाल में आज तीसरे दिन भी हालात गंभीर है. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद भी विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्रदर्शनकारी युवा संसद भंग करने और नागरिक नेतृत्व वाली सरकार की मांग पर अड़े हैं. हालात बिगड़ने पर सेना ने सीधे हस्तक्षेप किया है. नेपाल आर्मी चीफ जनरल अशोक राज सिग्देल ने जनता से संयम बरतने और संपत्तियों की रक्षा करने की अपील की है.
आज राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल की मौजूदगी में प्रदर्शनकारी युवाओं और सेना के बीच औपचारिक बातचीत होनी है. मंगलवार रात शीतल निवास में सिग्देल और युवा प्रतिनिधियों के बीच अनौपचारिक चर्चा के बाद यह कदम उठाया गया है. मुख्य एजेंडा संसद को भंग करने, नई सरकार बनाने और चुनाव कराने का होगा. काठमांडू महानगर के मेयर बालेन शाह ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है.सवाल यह है कि क्या वे देश को इस संकट से निकाल पाएंगे?
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