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मन की बात में पीएम मोदी ने की तारीफ, अब क्या बोलीं भारतीय नौसेना की 2 बहादुर अधिकारी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो प्रोग्राम मन की बात के 126वें एपिसोड में भारतीय नौसेना की दो जांबाज ऑफिसर के बारे में बताया. इन दोनों ऑफिसर्स दिलना और रूपा ने ‘नाविका सागर परिक्रमा’ के दौरान अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया. उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियां हर जगह अपना परचम लहरा रहीं है. वे ऐसी चुनौतियों को भी पार कर रही हैं, जिनकी कल्पना तक मुश्किल है. पीएम के तारीफ करने के बाद लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना ने कहा कि यह हम लोगों के लिए सम्मान और गर्व की बात है.

लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना ने कहा कि मन की बात एपिसोड में पीएम मोदी ने हमारा ज़िक्र किया. इससे साफ है कि हमारा देश उन लोगों को कितना महत्व देता है, जो अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर, साहसिक कारनामों को अंजाम देने और हमारे देश और भारतीय सशस्त्र बलों का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार रहते हैं.

उन्होंने कहा कि हम देश के हर हिस्से तक पहुंच पाए और अपने अनुभव शेयर कर पाए, यह मैसेज देते हुए कि अगर आप तन, मन और आत्मा से इसमें लग जाएं, तो कोई भी सपना मुमकिन है और कुछ भी नामुमकिन नहीं है.

सफर में जानी एक दूसरे की कमियां और खूबियां

दिलना ने कहा कि 2021 में, हम दोनों ने नाविका सागर परिक्रमा में हिस्सा लिया था. यह भारतीय नौसेना का एक प्रोजेक्ट था, जिसमें हम दोनों को दुनिया भर की यात्रा करनी थी. इसलिए हमने वोट पर सफर शुरू किया. हमने जमीन से ज़्यादा समय समुद्र में बिताया. इसलिए हम एक-दूसरे की खूबियों और कमजोरियों से वाकिफ थे. वोट चलाने के दौरान हमें एक-दूसरे की खूबियों और कमजोरियों का एहसास कराया और हमारी टीम वर्क ही इस पूरे मिशन की सफलता है.

मन की बात बोलना ही एक खास अनुभव- कमांडर रूपा ए

लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए ने कहा कि मैं सम्मानित महसूस कर रही हूं और मन की बात बोलना एक बहुत ही खास अनुभव था. हम मन की बात के माध्यम से अपनी कहानी शेयर करने के अवसर के लिए वास्तव में आभारी हैं, क्योंकि हम जानते हैं कि यह एक ऐसा मंच है, जो देश की सभी आवाजों को अपनी कहानियों को साझा करने के लिए एक साथ लाता है, हमारे राष्ट्र की विविधता को प्रदर्शित करता है. इसलिए यह एक सम्मान की बात है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बहुत उत्सुक थे, हम जो कुछ भी शेयर कर रहे थे, उसे ध्यान से सुन रहे थे. यह जानकर कि वह हमारी कहानी सुनकर बहुत रोमांचित थे, हमें और भी खुशी हुई. हमारे देश का प्रतिनिधित्व करना और हमारे ग्रह के सबसे दूरस्थ हिस्से में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व करना एक सम्मान और सौभाग्य की बात थी.

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