Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

मांझी की ‘फैमिली पार्टी’: खुद मंत्री, बेटा MLC, बहू और समधन भी चुनावी मैदान में! जीतन राम मांझी ने परिवार में बाँटे आधे टिकट

बिहार चुनाव में अभी दोनों प्रमुख गठबंधन सीट शेयरिंग को लेकर आपस में उलझे हुए हैं. सीटों को लेकर आपसी सहमति नहीं बन पा रही है. कई दौर की लगातार बातचीत के बीच एनडीए में सीटों को लेकर समझौता हो गया और इसमें छोटी सहयोगी पार्टी जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा को 6 सीटें दी गई. बिहार में सभी की नजर सीटों के शेयरिंग पर थी तो मांझी की नजर अपने परिवार पर लगी रही. शायद यही वजह है कि उन्होंने 6 में से 3 सीट अपने परिवार के लोगों को ही बांट दी.

जीतन राम मांझी की पार्टी केंद्र में सत्तारुढ़ एनडीए की सहयोगी पार्टी है और वह खुद केंद्र में मंत्री भी है. जबकि उनके बेटे संतोष कुमार सुमन बिहार सरकार में मंत्री हैं और विधान परिषद के सदस्य भी हैं. मांझी को भले ही पिछले बार की तुलना में इस बार कम सीटें मिली हैं, लेकिन कम सीटें मिलने के बावजूद उन्होंने टिकट बंटवारे के दौरान अपने परिवार का पूरा ख्याल रखा है. उन्होंने अपनी बहू और समधन के अलावा दामाद को भी टिकट दे दिया.

मांझी ने बहू और उनकी मां को दिए टिकट

एनडीए में टिकट को लेकर समझौता होने के बाद मांझी की पार्टी कल मंगलवार को अपने 6 प्रत्याशियों के नाम जारी कर दिए. पार्टी में 6 में से 2 महिलाओं को टिकट दिया. ये दोनों महिलाएं मांझी के परिवार के करीबी सदस्यों में से हैं. बहू दीपा कुमारी को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित इमाम गंज सीट से फिर से मैदान में उतारा है. इसके अलावा उन्होंने अपनी समधन ज्योति देवी को आरक्षित बाराचट्टी सीट से टिकट दिया है. ज्योति मांझी की बहू दीपा की मां हैं.

जीतन राम मांझी ने परिवार से जुड़ी 2 महिलाओं के अलावा उन्होंने अपने दामाद को भी टिकट दिया है. जमुई जिले की सिकंदरा सीट से प्रफुल्ल कुमार मांझी को पार्टी का प्रत्याशी बनाया गया है और वह जीतन राम मांझी के दामाद हैं.

भूमिहार परिवार के 2 लोगों को भी टिकट

इसके अलावा मांझी ने एक और परिवार ख्याल रखा है. भूमिहार बिरादरी से आने वाले अनिल कुमार के परिवार को 2 टिकट दिए. गया जी जिले की टिकारी सीट से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार को उतारा है तो उनके भतीजे रोमित कुमार को इसी जिले की अतरी सीट से टिकट दिया है.

उपचुनाव में जीत हासिल कर चुकी हैं दीपा

हालांकि जीतन राम मांझी की पार्टी में उनकी बहू दीपा कुमारी कोई नया चेहरा नहीं हैं. वह 2024 में इमामगंज सीट पर हुए उपचुनाव के जरिए मैदान में उतर चुकी हैं. दीपा कुमारी से पहले इस सीट से जीतन राम मांझी चुनाव लड़ा करते थे. मांझी ने 2015 के बाद 2020 में यहां से जीत हासिल की थी. हालांकि पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान गयाजी संसदीय सीट से चुनाव जीतने के बाद उन्होंने इमामगंज सीट छोड़ दी. वह केंद्र में मंत्री बनाए गए.

इस वजह से खाली हुई सीट से दीपा कुमारी ने अपनी किस्मत आजमाई. 2024 में हुए चुनाव में त्रिकोणीय मुकाले में दीपा मांझी को 5,945 मतों के अंतर से जीत हासिल हुई. दीपा के खाते में 53,435 वोट आए जबकि उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी रोशन कुमार मांझी दूसरे स्थान पर रहे और 47,490 वोट हासिल किए.

इससे पहले बिहार में पिछले विधानसभा चुनाव में मांझी की पार्टी 7 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और उसे 4 में जीत हासिल हुई थी, लेकिन इस बार एनडीए की ओर से उनकी एक सीट कम कर दी गई और उनके खाते में 6 सीटें ही डाली गई. दावा किया जा रहा है कि मांझी अपनी पार्टी के लिए 15 सीटों की मांग कर रहे थे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.