Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड: अब चेन्नई से केमिकल एनालिस्ट गिरफ्तार, लापरवाही के बाद कंपनी का लाइसेंस भी रद्द, बड़ी कार्रवाई जारी

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से हुई 25 मासूमों की मौत के मामले में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की है. एसआईटी की टीम ने श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी की 61 वर्षीय केमिकल एनालिस्ट के. महेश्वरी को कांचीपुरम चेन्नई से गिरफ्तार किया है. छिंदवाड़ा पुलिस अब तक कंपनी के मालिक जी रंगनाथन सहित बच्चों को दवा लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी सहित कई जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. फिलहाल रंगनाथन 10 दिन की पुलिस रिमांड पर है. पूछताछ होने के बाद उसे 20 अक्टूबर न्यायालय में पेश किया जाएगा.

जबलपुर जॉन के आईजी प्रमोद वर्मा का कहना है कि एसआईटी रंगनाथन को लेकर तमिलनाडु के कांचीपुरम और चेन्नई स्थित फैक्ट्री पहुंची थी. जहां उत्पादन से जुड़ी कई अहम जानकारियां जुटाई गईं. अब छिंदवाड़ा लौटने के बाद एसआईटी उससे सिरप के निर्माण वितरण और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया पर विस्तृत पूछताछ करेगी.

के. महेश्वरी की क्या है भूमिका?

पुलिस की माने तो केमिकल एनालिस्ट के. महेश्वरी की भूमिका इस पूरे मामले में सबसे संदिग्ध है. फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाले सभी केमिकल और गुणवत्ता की देखरेख की जिम्मेदारी माहेश्वरी के हाथों में थी. किस बैच में कितना केमिकल मिलाया जाना है, यह सभी के. माहेश्वरी के देखरेख में ही तय होता था.

रंगनाथन ने पूछताछ में एसआईटी को बताया कि जो भी दवाइयां बनाई जा रही थीं, सभी के. माहेश्वरी की देखरेख में ही तैयार होती थीं. आखिर किसमें क्या गलती हुई है? यह सब पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगा. रंगनाथन की इन बातों के बाद एसआईटी रंगनाथन को लेकर चेन्नई के कांचीपुरम पहुंची थी और यहीं से के. माहेश्वरी की गिरफ्तारी हुई है.

कंपनी का लाइसेंस रद्द

इस बीच तमिलनाडु सरकार ने भी सख्त रुख अपनाते हुए श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी का लाइसेंस को भी रद्द कर दिया है. वही जबलपुर के ड्रग और ओषधि विभाग ने कटारिया फार्मास्युटिकल का भी लाइसेंस निरस्त करते हुए गोडाउन और दुकान को सील कर दिया है.

गौरतलब है कि इस घटना के बाद मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया था. स्वास्थ्य विभाग ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे. जांच में सामने आया कि जिन बच्चों की मौत हुई, उनमें से अधिकांश को वही कोल्ड्रिफ कफ सिरप दिया गया था जिसकी पर्ची डॉक्टर प्रवीण सोनी ने खुद लिखी थी.

पुलिस ने डॉक्टर सोनी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था. निचली अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद उन्होंने अब जबलपुर हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है जिस पर 16 अक्टूबर को सुनवाई होगी.

राज्य सरकार इस याचिका का पुरजोर विरोध करने की तैयारी में है. सरकारी पक्ष का तर्क है कि यह मामला सामान्य लापरवाही का नहीं बल्कि गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. क्योंकि इसमें निर्दोष बच्चों की जान गई है. वहीं स्वास्थ्य विभाग और दवा नियामक संस्थाओं की संयुक्त रिपोर्ट में भी कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.

जांच में पाया गया कि सिरप के सैंपल मानक परीक्षण में फेल हुए और फार्मेसी स्तर पर गुणवत्ता नियंत्रण के नियमों की खुली अवहेलना की गई थी. फिलहाल पूरे मामले में आईजी प्रमोद वर्मा का कहना है कि यह मामला अत्यंत गंभीर है. जांच के हर पहलू की गहराई से पड़ताल की जा रही है दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.