ब्रेकिंग
सिवनी भाजपा में बगावत: महामंत्री पद को लेकर एससी-एसटी कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, प्रभारी के सामने ... छिंदवाड़ा में ठहाकों का 71वां साल! जब कवियों के व्यंग्य बाणों के सामने नेता भी हुए बेबस, प्रेमिका पर... Jabalpur News: जबलपुर में रजिस्ट्री और लीज का अजब-गजब खेल, अंग्रेजों के पुराने कानून से जनता बेहाल BJP Leader Death: एंबुलेंस के फर्श पर तड़पते रहे खून से लथपथ बीजेपी नेता, इलाज के दौरान मौत; ड्राइवर... MP News: सीधी के फाग गीतों में चढ़ा राजनीति का रंग, पीएम मोदी और स्थानीय सांसद पर लोक गायकों ने बांधे... दिल्ली वालों के लिए जरूरी खबर: राजघाट की ओर जाने वाले ये 5 मुख्य मार्ग प्रभावित, ट्रैफिक जाम से बचने... Bengaluru News: शादी के बाद पति के लिए छोड़ी नौकरी, फिर ससुराल में प्रताड़ना; बेंगलुरु में पूर्व महि... IND vs ENG Semifinal: वानखेड़े में इंग्लैंड से हिसाब चुकता करेगी टीम इंडिया? जानें सेमीफाइनल का पूरा... Bhooth Bangla: सेमीफाइनल से पहले अक्षय कुमार ने टीम इंडिया को दिया खास 'गुड लक', शिखर धवन के साथ की ... Punjabi Youtuber Killed in Canada: मशहूर यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या, हमलावरों ने घर में घुसकर ...
व्यापार

अडानी ग्रुप निवेश विवाद: ₹33,000 करोड़ के निवेश पर दबाव के आरोपों को LIC ने बताया बेबुनियाद, जारी किया स्पष्टीकरण

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने वॉशिंगटन पोस्ट की उस रिपोर्ट का कड़ा खंडन किया है, जिसमें यह दावा किया गया था कि सरकारी अधिकारियों ने LIC पर दबाव डालकर बिजनेसमैन गौतम अडानी की कंपनियों में 3.9 अरब डॉलर यानी करीब 33,000 करोड़ रुपए लगाने को कहा था, जबकि अडानी अमेरिका में कानूनी परेशानियों का सामना कर रहे थे.

इधर, सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में सरकारी जीवन बीमा कंपनी LIC ने कहा कि वह अपने सभी निवेश फैसले स्वतंत्र रूप से लेती है, और वॉशिंगटन पोस्ट की ओर से बताए गए कथित दस्तावेजों के अस्तित्व को पूरी तरह नकार दिया है.

LIC का बयान

LIC ने साफ कहा कि ऐसा कोई दस्तावेज या योजना मौजूद नहीं है जिसमें अडानी समूह की कंपनियों में पैसा लगाने का कोई रोडमैप हो. कंपनी ने इन आरोपों को झूठा, निराधार और सच्चाई से बहुत दूर बताया. LIC ने कहा, वॉशिंगटन पोस्ट की ओर से लगाए गए ये आरोप झूठे, निराधार और सच्चाई से परे हैं. रिपोर्ट में बताए अनुसार एलआईसी द्वारा अडानी समूह में धन निवेश का कोई दस्तावेज या योजना कभी तैयार नहीं की गई है. एलआईसी ने आगे कहा, हमारे सभी निवेश फैसले बोर्ड द्वारा मंजूर नीतियों के अनुसार, पूरी जांच-पड़ताल के बाद स्वतंत्र रूप से लिए जाते हैं. वित्तीय सेवाओं का विभाग या कोई अन्य संस्था इन फैसलों में कोई भूमिका नहीं निभाती.

पूरा मामला क्या है?

विवाद तब शुरू हुआ जब वॉशिंगटन पोस्ट ने शुक्रवार को एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें दावा किया गया कि सरकारी आंतरिक दस्तावेजों से यह खुलासा हुआ कि LIC से अडानी समूह के शेयरों में सार्वजनिक पैसा लगाने की एक योजनाबद्ध कोशिश की गई. रिपोर्ट में कहा गया था कि LIC पर अडानी कंपनियों को समर्थन देने के लिए भारी निवेश करने का दबाव डाला गया. हालांकि अब LIC ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि अडानी या किसी अन्य कंपनी में निवेश के लिए कोई बाहरी दबाव या गुप्त योजना नहीं है.

अडानी में एलआईसी का निवेश कितना है?

जानकारी के अनुसार, एलआईसी का अडानी समूह के शेयरों में निवेश उसकी कुल संपत्ति का 1% से भी कम है. साथ ही, एलआईसी ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद जब अडानी के शेयर गिरे थे, तब निवेश किया था. बाद में जब सभी आरोप खारिज होने के बाद शेयरों में तेजी आई, तो एलआईसी को काफी मुनाफा हुआ. एलआईसी ने साफ कहा है कि उसके निवेश निर्णय स्वतंत्र और पारदर्शी हैं और वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट पूरी तरह झूठी और भ्रामक है.

Related Articles

Back to top button