गौरेला पेंड्रा मरवाही : छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्यव्यापी चक्काजाम की घोषणा की है.जिसके बाद शुक्रवार देर रात से पूरे प्रदेश में परिवहन व्यवस्था चरमरा गई है. महासंघ ने 25 अक्टूबर से 5 नवंबर तक 9 सूत्रीय मांगों के समर्थन में आंदोलन का ऐलान किया है. इसका असर गौरेला-पेंड्रा- मरवाही जिले में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है.
शुक्रवार देर रात से ही यात्री बसें बंद : शुक्रवार देर रात से ही जिले में यात्री बसें सड़कों से नदारद हैं. वहीं मालवाहक वाहनों की सड़कों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं.बस स्टैंड सूने पड़े हैं और यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक चक्काजाम का व्यापक असर देखने को मिल रहा है. ऐसे में यातयात साधन नही होने से यात्री पैदल ही अपने गंतव्य के लिए निकल पड़े हैं.
वहीं बात करें ड्राइवर महासंघ के पदाधिकारियों कि तो उनका कहना है कि उनकी कई मांगों को लेकर पिछले दिनों सरकार ने सकारात्मक आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक किसी भी वादे को पूरा नहीं किया गया. इसी के विरोध में अब महासंघ ने आरपार की लड़ाई का एलान किया है.
क्या हैं ड्राइवर महासंघ की मुख्य मांगें
- पूरे छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाए
- ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड का गठन किया जाए
- ड्राइवर आयोग का गठन कर सुरक्षा कानून लागू किया जाए
- दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए
- दुर्घटना में विकलांग होने पर परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता दी जाए
- 1 सितम्बर को ‘ड्राइवर दिवस’ घोषित किया जाए
- ड्राइवरों के बच्चों को निजी स्कूलों में शिक्षा आरक्षण दिया जाए
- ड्राइवर परिवारों को हेल्थ कार्ड जारी किए जाए
- 55 वर्ष की आयु के बाद ड्राइवरों को पेंशन सुविधा प्रदान की जाए
आम जनता परेशान : महासंघ का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. वहीं प्रशासन की ओर से लोगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन चक्काजाम के कारण जिला परिवहन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है. लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं.लेकिन इससे उन्हें आर्थिक हानि हो रही है.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.