Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
MIDI Health Analysis: Honest Understanding of Profiles and Experts in 2026 ‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म...

तिगरी मेले में उमड़ी आस्था: 30 लाख श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़, अमरोहा में कई प्रमुख रास्तों पर एंट्री बंद

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तिगरी गंगा धाम पर हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा को लगने वाले ऐतिहासिक मेले (अर्धकुंभ) में मुख्य स्नान कल यानी 5 नवंबर को होगा, जहां इस स्नान के दौरान 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है तो वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा में चार हजार पुलिस के जवानों के साथ-साथ ATS, डॉग स्क्वायड, इंटेलीजेंस को भी लगाया गया है. यही नहीं एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे भी चप्पे-चप्पे पर लगाए गए हैं, जिनसे निगरानी की जा रही है. साथ ही अमरोहा पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद भी खुद मेले में सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर पैदल ही गस्त कर रहे हैं.

वहीं कार्तिक पूर्णिमा पर 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की सूचना को लेकर हाईवे पर भी भारी वाहनों व कॉमर्शियल वाहनों को रोका गया है या फिर रूट डायवर्जन के अनुसार हाईवे से अलग अन्य मार्गों से जाने का प्लान तैयार किया गया है. दिल्ली से मुरादाबाद की तरफ आने या फिर जाने वाले वाहनों को संभल, बहजोई, स्याना, गुलावटी होते हुए आने-जाने का मार्ग तय किया है. यहीं नहीं रूट डायवर्जन के साथ हाईवे पर भी भरी पुलिस बल तैनात किया किया गया है.

यूपी सरकार ने राजकीय मेला घोषित किया

त्रेता युग से शुरू हुई मेले की परंपरा आज के युग में संसाधनों के साथ अर्धकुंभ का रूप ले रही है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगने वाले इस मेले को उत्तर प्रदेश सरकार ने राजकीय मेला भी घोषित कर दिया है, क्योंकि कुंभ के बाद एक यही ऐसा मेला है, जिसको कुंभ की तर्ज पर लगाया जाता है और सैकड़ों हेक्टेयर जमीन पर 15 दिन के लिए लगने वाले इस मेले में बाकायदा तंबुओं का शहर बसाया जाता है. लोग यहां परिवार सहित तंबुओं के इन आसियानों में रहते हैं. यहीं सोते हैं और गंगा में स्नान कर काली दाल की खिचड़ी का सेवन भी करते हैं.

मेले में दीपदान करते हैं श्रद्धालु

महाभारत काल से इसी मेले में दीपदान की प्रथा भी शुरू हुई. बताया जाता है कि महाभारत युद्ध के दौरान मारे गए कुल के लोगों और सैनिकों की आत्मा शांति को पांडवों से भगवान श्रीकृष्ण ने गंगा घाट पर दीपदान कराया था, जिससे युद्ध में मारे गए सभी लोगों की आत्मा को शांति मिल सके. तबसे की इस प्रथा को आमजन ने अपने जीवन का एक कर्तव्य बना लिया और आमजन भी कार्तिक पूर्णिमा स्नान से एक दिन पहले परिवार में मरने वाले सदस्य की आत्मा शांति को दीपदान करने लगे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.