बुधवार को गणेश पूजा करते समय सावधान! ये गलतियां पड़ती हैं भारी, सारे काम हो जाते हैं असफल, जानें सही तरीका
बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है, और इस दिन उनकी विधिवत पूजा करने से रिद्धि-सिद्धि और शुभ लाभ की प्राप्ति होती है. गणेश जी की पूजा करने से बुध ग्रह भी मजबूत होता है, जिससे बुद्धि, व्यापार और वाणी में वृद्धि होती है. हालांकि, शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं में गणेश पूजा के कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका उल्लंघन करने से पूजा का फल नहीं मिलता, और व्यक्ति को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते है उन उन 5 बड़ी गलतियों के बारे में जो बुधवार की गणेश पूजा के दौरान भूलकर भी नहीं करनी चाहिए.
गणेश जी को कभी न चढ़ाएं तुलसी के पत्ते!
क्यों न करें: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश को कभी भी तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए. पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार तुलसी ने गणेश जी को दो विवाह होने का श्राप दिया था, जिससे क्रोधित होकर गणेश जी ने भी तुलसी को यह श्राप दिया कि उनका विवाह एक असुर से होगा. तभी से गणेश पूजा में तुलसी वर्जित मानी जाती है.
क्या करें: इसके स्थान पर भगवान गणेश को दूर्वा घास अर्पित करना सबसे शुभ माना जाता है.
काले वस्त्र पहनकर पूजा न करें?
क्यों न करें: पूजा-पाठ में काले रंग के वस्त्र पहनना शुभ नहीं माना जाता है, खासकर गणेश जी की पूजा में. काला रंग नकारात्मकता और अशुभता से जुड़ा माना जाता है.
क्या करें: गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए पूजा करते समय पीले, सफेद या लाल रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है. पीला रंग बुध ग्रह और गणेश जी, दोनों को प्रिय है.
टूटे हुए या बासी फूल-अक्षत का प्रयोग
क्यों न करें: भगवान गणेश की पूजा में कभी भी टूटे हुए अक्षत (चावल) या मुरझाए/बासी हुए फूल और माला का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. खंडित सामग्री को भगवान को अर्पित करना उनका अनादर माना जाता है, जिससे पूजा का फल नष्ट हो जाता है.
क्या करें: पूजा में हमेशा अखंडित (साबुत) अक्षत और ताज़े फूल ही चढ़ाएँ.
अकेले गणेश जी की पूजा करना
क्यों न करें: कुछ मान्यताओं के अनुसार, अकेले भगवान गणेश की पूजा करना पूर्ण फलदायी नहीं होता है. भगवान गणेश प्रथम पूजनीय होने के साथ-साथ परिवार के देव भी हैं.
क्या करें: गणेश जी की पूजा के साथ उनकी माता गौरी (पार्वती) की पूजा करना भी जरूरी माना जाता है. कई स्थानों पर परिवार की सुख-शांति के लिए रिद्धि और सिद्धि की पूजा भी की जाती है.
बुधवार को पैसों का लेन-देन (उधार) न करें
क्यों न करें: इस दिन पैसों से जुड़ा लेन-देन (विशेष रूप से उधार देना) करने से बचना चाहिए. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, बुधवार को किसी को पैसे उधार देने से धन हानि की आशंका बढ़ जाती है, और आपके दिए हुए पैसे डूब सकते हैं.
क्या करें: अगर कोई बहुत जरूरी काम न हो तो आर्थिक लेन-देन को गुरुवार या शुक्रवार के लिए टाल दें.
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