न्यू ईयर पार्टी पर ‘स्ट्राइक’ का साया! गिग वर्कर्स की हड़ताल से बिगड़ सकता है आपका जश्न, आज ही कर लें स्टॉक
अगर आपने अभी से ही न्यू ईयर ईव पर सेलीब्रेशन की तैयारी शुरू नहीं की है तो आपको ऐन मौके पर निराश होना पड़ सकता है. पूरा सेलीब्रेशन बेकार हो सकता है. उसका कारण भी है. गिग वर्कर्स 31 दिसंबर यानी आज हड़ताल पर हैं. क्विक कॉमर्स ऐप पर से कोई ऑर्डर आपके घर पर 5 से 10 मिनट में नहीं पहुंच पाएगा. ऐसे में आपको अभी यानी सुबह से इस सेलीब्रेशन की तैयारी शुरू करनी होगी. अगर बात सिर्फ दिल्ली की ही करें तो 5 हजार से ज्यादा गिग वर्कर्स ऑफलाइन होंगे. इसका मतलब है कि इनमें से कोई भी डिलिवरी नहीं करेगा. आपको बता दें कि गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन की ओर से अपनी मांगों को लेकर 25 और 31 दिसंबर को हड़ताल का ऐलान किया था. इन दोनों दिनों में क्विक कॉमर्स की काफी डिमांड रहती है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है.
क्यों विरोध कर रहे हैं गिग वर्कर्स?
- गिग वर्करों का आरोप है कि उन्हें डिलिवरी के लिए मिलने वाले आर्डर पर पेमेंट पहले के मुकाबले तकरीबन आधा कर दी गई है.
- डीलीवरी के दौरान दूरी और उसमें लगने वाले वक्त के हिसाब से मिलने वाले इंसेंटिव को भी कम किया गया.
- आरोप है कि कंपनियां समान दूरी के बावजूद मनमानी कर इंसेंटिव को जब चाहें बदल देती हैं. इससे कमाई घट गई है.
- कम आय के चलते मजबूरी में ज्यादा आर्डर देने लेने पड़ते हैं और कई बार 18/18 घंटे काम करना पड़ता है. मानसिक और शारीरिक तनाव बढ़ जाता है.
- एप्स द्वारा 10 मिनट में डिलीवरी का वायदा व्यवहारिक नहीं है. इससे इनपर तेज रफ़्तार से वाहन चलाने और पहुंचने का दवाब बढ़ता है. ऐसे में सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है.
- हादसे का शिकार होने की स्थिति में किसी प्रकार का मेडिकल या लाइफ इंश्योरेंस भी नहीं मिलता.
- हालांकि, ये असंगठित क्षेत्र है इसलिए सभी गिग वर्कर्स एक साथ हड़ताल पर नहीं है. कुछ हड़ताल के पक्ष में हैं तो कुछ नहीं. इस हड़ताल का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है. कई इलाकों में सामान की डिलीवरी पर असर भी देखा जा रहा है.
नए साल के जश्न पर असर
गिग वर्कर्स की हड़ताल के कारण, ग्राहकों को ऑर्डर में लंबी देरी और कैंसल होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि डिलीवरी एक्जीक्यूटिव ऐप से लॉग ऑफ कर रहे हैं या अपने काम का बोझ काफी कम कर रहे हैं. हड़ताल से पुणे, बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों के साथ-साथ कई टियर-2 बाजारों में फूड ऑर्डर, किराने की डिलीवरी और लास्ट मिनट शॉपिंग प्रभावित होने की आशंका है.
टीजीपीडब्ल्यूयू के फाउंडर-अध्यक्ष शेख सलाउद्दीन ने ईटी को दिए बयान में बताया कि यूनियनों को उम्मीद है कि नए साल की पूर्व संध्या पर 100,000 से 150,000 राइडर हड़ताल में शामिल होंगे. सलाउद्दीन ने कहा कि हमें बड़ी संख्या में राइडर्स के शामिल होने की उम्मीद है. हम विभिन्न शहरों में अचानक हड़ताल करेंगे. कुछ लोग दोपहर और रात के खाने के समय भोजन डिस्ट्रिब्यूशन बंद कर देंगे. कुछ लोग उस समय काम करना बंद कर देंगे जब लोग किराने का सामान ऑर्डर करते हैं.
अब क्या करें कस्टमर्स?
नए साल की पूर्व संध्या से पहले डिलीवरी प्लेटफॉर्म कई प्रमोशनल ऑफर चला रहे हैं, जिनमें कस्टमर्स को सामान का स्टॉक करने की सलाह दी जा रही है. डिलीवरी की गारंटी नहीं है, इसलिए आखिरी समय की परेशानियों से बचने के लिए जरूरी सामान सीधे दुकानों से खरीदना बेहतर होगा. ग्राहकों को नए साल की पूर्व संध्या की आधी रात से पहले कीमतों में अचानक या अचानक बढ़ोतरी के लिए तैयार रहना होगा. इसके अलावा, डिलीवरी का समय सामान्य 10 मिनट से बढ़ सकता है, इसलिए इमरजेंसी सामान के लिए इंस्टैंट डिलीवरी ऐप्स पर भरोसा न करें
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.